चंडीगढ़ | हरियाणा के जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिमंडल द्वारा फैसला किया गया है कि वे अब अपनी जमीन का कुछ हिस्सा भी विकास परियोजनाओं के लिए बेच सकेंगे. इससे पहले ऐसा कोई प्रावधान नहीं था, जिस कारण कई विकास कार्य अधर में लटक जाते थे. कैबिनेट की बैठक में भूमि खरीद नीति 2025 को मंजूरी प्रदान कर दी गई है.

इनपर लागू होगी यह नीति
इस नीति के अंतर्गत विभागों, बोर्डों, निगमों और सरकारी कंपनियों में यह प्रावधान लागू होगा. इसका उद्देश्य यह है कि जमीन मालिकों को मजबूरी में अपनी जमीन कम दाम पर न बेचनी पड़े. उपयुक्त खरीदार मिलने पर वे अपनी जमीन अच्छे दामों पर बेच सकें. इस नीति के अंतर्गत, बिचौलियों को भी शामिल किया गया है. लेन- देन की कुल लागत का एक प्रतिशत उन्हें सुविधा शुल्क के तौर पर दिया जाएगा.
बिचौलियों को मिलेगा इंसेंटिव
इस सुविधा शुल्क की पहली किश्त रजिस्ट्री होने पर और दूसरी किश्त म्यूटेशन या कब्जा मिलने के बाद दी जाएगी. बिचौलियों द्वारा परियोजना की कुल संभावित जमीन का 70 प्रतिशत हिस्सा अपलोड करने पर ₹1000 से ₹3000 प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. हरियाणा सेवा आयोग अब ऐसे मामलों में खुद संज्ञान ले सकेगा, जिनमें विभाग समय पर आवेदन या अपील का निपटारा नहीं करता. किसी प्रकार की देरी पाए जाने पर आयोग द्वारा उस पर सीधे आदेश पारित किए जा सकेंगे.