चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार (Haryana Govt) पशुपालन करने वाले लोगों के उत्थान की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं. इसी कड़ी में सूबे के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें पशुपालकों के हित में बजट के लिए व्यापक तैयारी करने पर जोर देने की बात कही गई है. उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए हैं.
नस्लीय सुधारीकरण पर रहेगा फोकस
श्याम सिंह राणा ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को पशुओं के पुनर्वास और समस्या के समाधान के लिए जियो- टैगिंग का उपयोग करने और अधिक गोशालाओं के निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने प्रदेश में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर फीडबैक लिया और अधिकारियों को विभाग से संबंधित घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
पशुपालन मंत्री ने पशुधन नस्ल सुधार और हरियाणा की स्थानीय नस्लों विशेषकर हरियाणा गीर गाय और भैंस की मुर्रा नस्ल को बढ़ावा देने पर जोर देने की बात कही. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विशेष मवेशी प्रजनन केंद्र, उन्नत पशु चिकित्सा क्लीनिक और मेगा गोशालाओं की स्थापना की योजना भी तैयार की जाए.
बेसहारा गौवंश से मिलेगा छुटकारा
हरियाणा सरकार में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यह कदम हरियाणा और मुर्रा जैसी स्वदेशी नस्लों को प्रोत्साहन देने के लिए उठाए जा रहे हैं. सरकार पशुओं के नस्लीय सुधारीकरण की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है. वहीं, शहरों की सड़कों को बेसहारा गौवंश से छुटकारा दिलाने के लिए गौशालाओं में भेजा जा रहा है. इसके लिए हमारी सरकार गौशालाओं को अनुदान राशि देकर आर्थिक सहायता करने का काम कर रही है.
