हरियाणा में भैया दूज पर अवकाश घोषित, यहाँ जानें इस पर्व का इतिहास

चंडीगढ़ | हरियाणा में भैया दूज पर स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. त्योहारी सीजन आरंभ हो चुका है. स्कूली बच्चे पूरा साल त्योहारी सीजन का इंतजार करते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि त्योहार के कारण स्कूलों की छुट्टी होती है. यानी की 27 तारीख को भैया दूज के अवसर पर सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. हरियाणा सरकार द्वारा पत्र जारी कर यह आदेश जारी किए गए हैं.

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इस दिन बहनें भाई की कलाई में बांधती हैं राखी

बता दें कि इस दिन बहनें भाई की लंबी उम्र के लिए उन्हें राखी बांधती हैं और भगवान से उनकी हर मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करती हैं. भाई दूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना (यमराज और यमुना पूजन) की पूजा का विशेष विधान है.

रक्षाबंधन की तरह भाई दूज का पर्व भाई-बहन को समर्पित है. इस दिन बहनें अपने भाई को रक्षाबंधन की तरह तिलक करती हैं और उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं. इस दिन भाई अपनी बहनों से मिलने जाते हैं और तिलक लगाते हैं. भाई भी बहनों को उपहार देते हैं.

भैया दूज की कथा

पुजारियों के अनुसार, पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि भगवान सूर्य और उनकी पत्नी संध्या के पुत्र धर्मराज यम और यमुना थे लेकिन सूर्य का तेज सहन न कर पाने के कारण उनकी पत्नी संध्या बच्चों को छोड़कर मायके चली गई और जाते समय अपनी प्रतिरूप छाया को भगवान सूर्य के पास छोड़ गई.

पुजारियों के अनुसार, यमराज और यमुना छाया की संतान नहीं थे लेकिन भाई-बहनों के बीच बहुत प्यार था. यमुना की शादी के बाद वह भाई यम को बुलाती थी लेकिन वह नहीं गया. बहुत दिनों के बाद यम द्वितीया के दिन यम बहन के लगातार बुलाने पर धर्मराज अपने घर पहुंचे. भाई के घर आने की खुशी में यमुना ने भाई का खूब स्वागत किया. उन्होंने तिलक लगाकर उनकी पूजा की. इस दिन से हिंदू भैया दूज मनाते हैं.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.