होमगार्डों की एक ही झटके में गई नौकरी, मगर अभी भी बची है ये उम्मीद

चंडीगढ़ | फूड कारपोरेशन आफ इंडिया (एफसीआई) के अनाज से भरे गोदामों की रखवाली करने वाले होमगार्डों की रोजी रोटी पर संकट आ गया है. यह होमगार्ड सिर्फ गोदाम ही नहीं बल्कि एफसीआइ के कार्यालयों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एफसीआइ ने अब पालिसी में बदलाव कर दिया है, जिसके चलते अब एक्स सर्विसमैन यहां पर ड्यूटियां संभालेंगे. यह निर्णय हरियाणा में ही नहीं बल्कि देशभर के लिए लिया गया है.

Home Guard

प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज से भी मिले

पहले राज्य से होमगार्ड ले लिए जाते थे जिससे विभाग कार्य चलता रहता था जबकि पुलिस विभाग को भी अपने जवानों को एडजस्ट करना आसान हो जाता था. नई पालिसी के तहत, एफसीआइ के लिए डायरेक्टर जनरल रीहेबलिटेशन (डीजीआर) एक्स सर्विसमैन को उपलब्ध करवाएगा. दूसरी ओर जो होमगार्ड निकाले जा चुके हैं वे प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज से भी मिले. विज ने मामले में होमगार्ड के डीजी से बातचीत की. ऐसे में अब इन होमगार्डों को दूसरे विभाग में लगाकर या फिर पुलिस में इनकी संख्या बढ़ाकर इनकी रोजी रोटी के संकट को हल किया जा सकता है.

1 फरवरी 2023 से होमगार्ड से ड्यूटी लेना एफसीआइ ने बंद कर दी है. इस संबंध में सभी होमगार्ड को लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं जिसके चलते इनकी परेशानियां बढ़ गई हैं. रोजी- रोटी का संकट भी पैदा हो गया. एक होमगार्ड को 24 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है. ऐसे में एक आदेश पर इनको नौकरी निकालना इनके परिवारों पर भी संकट है.

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एफसीआइ के अधिकारियों ने कही ये बात

दूसरी और एफसीआइ के अधिकारियों का कहना है कि पालिसी में ही बदलाव किया गया है. ऐसे में होमगार्डों की नौकरी बहाल रखना उनके हाथ में नहीं है. होमगार्ड जवानों का कहना है कि फोर्स के जवानों ने देश सेवा की और बाद में रिटायरमेंट ली, उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर है. वे पूरे बेनिफिट लेकर रिटायरमेंट लेते हैं. ऐसे में सरकार को चाहिए कि एक्स सर्विसमैन को आवश्यकता अनुसार रिटायरमेंट के बाद जाब मिले.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.