चंडीगढ़ | हरियाणा में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) की भर्तियों को निरंतर रूप से हाई कोर्ट में चुनौतीदी जा रही है. हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की तरफ से पीजीटी की 31 भर्तियों में से 12 के फाइनल रिजल्ट जारी किए गए हैं. चयनित अभ्यर्थियों की ज्वॉइनिंग कराने के लिए विभागों को सिफारिशें भेजी जा रही हैं, मगर इन सभी भर्तियों के विरुद्ध पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में 190 याचिकाएं जा चुकी हैं.
HPSC ने जारी किए 13 भर्तियों के परिणाम
ऐसे में चाहे अभ्यर्थी नौकरी ज्वॉइन कर लें, पर हाई कोर्ट के निर्णय तक उनकी नौकरी पर तलवार लटकी रहेगी. हाल ही में पिछली 2 भर्तियों में कोर्ट ने ऐसे फैसले दिए हैं, जिनमें याचिकाकर्ताओं को ज्वॉइनिंग दी गई व पहले चयनित हुए अभ्यर्थी को रिजल्ट से बाहर करना पड़ा. HPSC ने 20 दिसंबर से 8 जनवरी तक 20 दिन में 13 भर्तियों के परिणाम घोषित किए, लेकिन यह कोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेंगे.
PGT मैथमेटिक्स पर अधिक याचिकाएं दायर
पीजीटी की जिन भर्तियों के परिणाम जारी हुए हैं, उनमें पीजीटी मैथमेटिक्स की भर्ती को लेकर सबसे ज्यादा 33 याचिकाएं दायर की गई हैं. पीजीटी के अतिरिक्त एचपीएससी ने सिंचाई विभाग के असिस्टेंट सिविल इंजीनियर की भर्ती का भी परिणाम जारी किया, मगर इसके विरुद्ध भी 7 याचिकाएं पहुंची हुई हैं. ऐसे में यह भर्ती भी कोर्ट के फैसले पर ही निर्भर करेगी.
कास्ट सर्टिफिकेट की अधिकतर शिकायतें
हरियाणा लोक सेवा आयोग के सचिव मुकेश कुमार आहुजा ने कहा कि भर्तियां ठीक चल रही हैं. फिलहाल, ज्यादातर शिकायतें आरक्षित वर्ग में जाति प्रमाण पत्र की देखने को मिल रही हैं. कुछ अभ्यर्थी अंतिम तारीख तक प्रमाण पत्र जमा नहीं कराते. हमने क्लोजिंग तारीख तक का भी वक्त दे रखा है. कैमिस्ट्री विषय का मामला ऐसा ही था और हम नियमानुसार कार्यवाही कर रहे हैं.
