चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से कहा गया है कि आयोग की भर्तियों में दूसरी प्रतीक्षा सूची (Second Waiting List) जारी करने का कोई प्रविधान नहीं है. आयोग का कहना है कि भर्ती नियमों में यह शामिल नहीं है, मगर कुछ लोग दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी होने का भ्रम फैलाकर युवाओं को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं.
राज्य सरकार को सौंपा ज्ञापन
कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह का कहना है कि वर्ष 2019 में आईटीआई विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन संख्या 12/ 2019 के अंतर्गत चयन प्रक्रिया का आयोजन किया गया था. इस भर्ती के फाइनल रिजल्ट और वेटिंग लिस्ट को आयोग ने पहले ही जारी कर दिया था. हाल ही में कुछ अभ्यर्थियों ने इस भर्ती में दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी किए जाने की मांग करते हुए राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा है.
वैधता अधिकतम 1 साल तक सीमित
इस पर कार्यवाही करते हुए मुख्य सचिव कार्यालय ने दिनांक 17 जनवरी 2025 को दूसरी प्रतीक्षा सूची जारी करने के बारे में निर्देश भी जारी कर दिए थे. हिम्मत सिंह के मुताबिक, यह निर्देश हरियाणा सरकार के पूर्ववर्ती ऑर्डर पत्र संख्या 42/ 43/ 84- 5 जीएसआइ दिनांक 20 जनवरी 1988 के प्रविधानों के खिलाफ हैं, जिनके मुताबिक किसी भी चयन प्रक्रिया की प्रतीक्षा सूची की वैधता अधिकतम एक साल तक सीमित होती है.
एक साल की अवधि के बाद कोई दूसरी प्रतीक्षा सूची जारी नहीं की जा सकती. इस मामले में कानूनी राय भी ली गयी है, जिसमें स्पष्ट किया गया कि जब सिलेक्शन रिजल्ट और प्रतीक्षा सूची पहले ही जारी हो चुकी हो, तो वर्षों बाद दूसरी सूची जारी करने का कोई आधार नहीं है.
