चंडीगढ़ | हरियाणा में 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों को जल्द ही नौकरी की सुरक्षा मिलेगी. इसके आवेदन के लिए पोर्टल रेडी हो चुका है. पहले सरकार द्वारा इस पोर्टल का ट्रॉयल लिया जाएगा, इसलिए पहले 2 विभागों में इसको शुरू किया जाएगा. ट्रायल के सफल होने के बाद इसे सभी विभागों, बोडों, निगमों के लिए ओपन कर दिया जाएगा. इसके लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
अगले हफ्ते शुरू होगा पोर्टल
सरकार ने यह खुलासा नहीं किया है कि पहले किन विभागों में ट्रायल किया जाएगा. यह पोर्टल अगले हफ्ते शुरू होने जा रहा है. मानव संसाधन विभाग की तरफ से इस रेडी किया गया है. इसे लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं अपने मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से 5 दिन पहले मीटिंग कर चुके हैं. खट्टर सरकार के वक़्त से ही सरकारी विभागों में अस्थाई कर्मचारियों की भर्ती हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के जरिये की जा रही है.
विधानसभा में विधेयक लेकर आई सरकार
पिछले दिनों सरकार ने HKRN के तहत सर्विस के 5 साल पूरे कर चुके कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने की घोषणा की थी. सरकार विधानसभा में विधेयक लेकर आई, पर यह लागू नहीं हुआ. हरियाणा में फिर से बीजेपी की सरकार आने के बाद भी एकाध विभाग को छोड़कर अधिकारियों ने किसी भी विभाग में अस्थायी कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी नहीं दी. 6 महीने का कार्यकाल पूरा होने से पहले हरियाणा सरकार ने विधानसभा में विधेयक पारित कर दिया और अध्यादेश को विधेयक के रूप में पारित करवा दिया.
1 साल बाद सर्विस सिक्योरिटी
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद स्थायी कानून अधिसूचित कर दिया, मगर हरियाणा सरकार के अफसरों ने इसे फिर लागू नहीं किया. अधिकारियों ने सर्विस सिक्योरिटी नहीं दी तो सरकार ने एक साल बाद सर्विस सिक्योरिटी एक्ट के तहत नियम नोटिफाई किये. इन नियमों में उन बिंदुओं को क्लियर कर दिया जो एक्ट में स्पष्ट नहीं थे.
एक्ट में आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट एक का कोई जिक्र नहीं था, यही कारण रहा कि ज्यादातर अफसरों ने उन अस्थायी कर्मचारियों की सर्विस सिक्योरिटी नहीं दी, जो आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट एक में लगे हुए थे और HKRNL में पोर्ट नहीं हुए थे. अब अगले हफ्ते पोर्टल खोला जा रहा है, जिसके जरिए स्थाई कर्मचारियों को सर्विस सिक्योरिटी मिलेगी.
