चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने बिजली आपूर्ति को व्यवस्थित करने और मीटर व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ठोस कदम उठाया है. बता दे कि ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने राज्य के पुराने बिजली मीटरों को नए स्मार्ट बिजली मीटर में बदलने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि कुछ शहरों जैसे गुड़गांव और फरीदाबाद में पहले से बिजली लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है.
अन्य जिलों में भी ऐसे ही अंडरग्राउंड लाइने बिछाई जाएगी, जिससे खंभे गिरने और तार टूटने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी.
हरियाणा में कैसे करेगा स्मार्ट मीटर काम?
उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर में प्रीपेड और पोस्टपेड का ऑप्शन होगा. उपभोक्ता अपने हिसाब से दोनों में से एक ऑप्शन का चुनाव कर सकते है. यह मोबाइल सेवाओं के जैसे प्रीपेड और पोस्टपेड की तरह कार्य करेगा. इसका उद्देश्य बिजली आपूर्ति में सुधार करना है ताकि उपभोक्ताओं को बिजली की सुविधा आसानी से मिल सके.
उन्होंने बिजली कट पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा है, उन्होंने सभी SE अधिकारियों को निर्देश दिए है कि उनके क्षेत्र में यदि बिजली कट लगा है तो उसकी अच्छे तरीके से जांच की जाएं एवं कारणों का पता लगाकर उनका निवारण किया जाए. इसके अलावा उन्होंने बढ़ती बिजली क्षमता को देखते हुए ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन का काम जल्द शुरू करने पर भी चर्चा की. बारिश के दिनों में होने वाली बिजली कटौती को रोकने के लिए सब स्टेशनों को ऊंचा उठाने की बात कही.
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?
स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में पारदर्शिता देखने को मिलेगी. इसके साथ ही, उनको प्रीपेड और पोस्टपेड दोनो ऑप्शन में से एक का चुनाव खुद करना होगा, जिससे बिजली की वास्तविक रीडिंग पर निगरानी रखी जा सकेगी. इसके अलावा, बिजली चोरी और गलत रीडिंग की समस्याओं से छुटकारा मिलेगा.
