चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि प्रदेश में हरियाणा में 66 kV या उससे अधिक क्षमता की हाई टेंशन बिजली लाइनों और टावरों से प्रभावित किसानों के लिए नई मुआवजा नीति लागू कर दी गई है. अब खेतों में बिजली टावर स्थापित होने पर किसानों को भूमि के कलेक्टर गाइडलाइन मूल्य का 200 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा जो पहले की व्यवस्था की तुलना में कहीं अधिक है.

हरियाणा में नई मुआवजा नीति लागू
यह मुआवजा टावर के आधार (बेस) क्षेत्र और उसके चारों ओर अतिरिक्त एक-एक मीटर भूमि के लिए दिया जाएगा. इसके अलावा, ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित भूमि के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 30 प्रतिशत, नगर निगम व मेट्रो क्षेत्रों में 60 प्रतिशत और अन्य शहरी क्षेत्रों में 45 प्रतिशत मुआवजा निर्धारित किया गया है. पटवारी द्वारा सत्यापित फसल क्षति और भूमि मूल्य में आई कमी के लिए भी किसानों को अलग से मुआवजा मिलेगा.
प्रदेश सरकार ने ऊर्जा विभाग के माध्यम से 30 जनवरी को 66 kV और उससे अधिक इन्ट्रा- स्टेट ट्रांसमिशन लाइनों के लिए फसल नुकसान मुआवजा नीति का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह नीति सभी नई ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं पर लागू होगी. इसमें हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड सहित सरकारी और निजी एजेंसियां शामिल होंगी.
सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा
इस नई मुआवजा नीति के अनुसार, फसल क्षति का मुआवजा संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी के प्रमाण- पत्र के आधार पर दिया जाएगा. प्रमाण- पत्र में किसान का नाम, प्रभावित क्षेत्र, फसल का प्रकार, अनुमानित उपज और फसल का मूल्य दर्ज होगा. स्वीकृत राशि सीधे किसान के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी.