चंडीगढ़| हरियाणा सरकार की तरफ से ग्रुप C और D पदों पर भर्ती के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) को अनिवार्य किया गया है. प्रदेश के लाखों युवा इस परीक्षा का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा इसकी तिथि तय नहीं हो पाई है. हालांकि, राज्य सरकार की तरफ से सीईटी में जरूरी संशोधन कर दिए हैं. उसके बाद, सीईटी कराने की प्रक्रिया शुरू होनी थी. तिथि तय न होने के कारण अभी तक परीक्षा केंद्र को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका है.
इस हफ्ते बड़ा आउटपुट आने की संभावना
आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सीईटी को लेकर लगातार बैठके हो रही है. इस हफ्ते तक सीईटी को लेकर कोई बड़ा आउटपुट मिल सकता है. राज्य में फरवरी- मार्च में सालाना परीक्षाएं होनी हैं. इस वक़्त एग्जाम सेंटर सामान्य तौर पर उपलब्ध नहीं होते हैं. ऐसे में यदि आयोग सीईटी का आयोजन जल्द- से- जल्द भी कराने का फैसला लेता है, तो भी मार्च के लास्ट या अप्रैल के शुरू में ही परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता होने की संभावना दिख रही है.
निकाय चुनाव देरी का कारण
बिना एग्जाम सेंटर के एग्जाम में देरी होना भी बड़ा कारण है. हरियाणा में इस वर्ष निकाय चुनाव भी होने हैं. बार्ड बंदी और दिल्ली चुनाव की वजह से निकाय चुनाव में भी देरी हो रही है. फरवरी के दूसरे हफ्ते में चुनाव का शेड्यूल जारी होने की संभावना है. ऐसे में फरवरी अंत या मार्च के पहले हफ्ते में चुनाव होंगे. चुनाव के कारण सीईटी एग्जाम में देरी हो सकती हैं. अभी तक यहभी तय नहीं हो पाया है कि कौन सी एजेंसी परीक्षा का आयोजन करेगी.
तय नहीं हो पाई एजेंसी
पिछली बार सीईटी के आयोजन में प्रदेश सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने मिलकर काम किया था. उस वक़्त नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा सीईटी का आयोजन करवाया गया था. इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रधान सचिव ने एनटीए का चयन करने में अहम भूमिका अदा की थी. ऐसे में इस बार भी प्रदेश सरकार और आयोग को सीईटी आयोजन के लिए एजेंसी का फैसला करना है. एजेंसी तय होने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी.
