चंडीगढ़ | हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) द्वारा इसी साल 14 जून को घोषित किए गए ग्रुप C पदों के संशोधित रिजल्ट पर सोमवार यानि कल 7 जुलाई को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई क्योंकि पीठ ने इस मामले की फाइल ही नहीं लगाई थी. हालांकि, हाईकोर्ट की पीठ ने इस मामले की सुनवाई के लिए अब अगली तारीख 16 जुलाई निर्धारित की है.
कई अभ्यर्थियों की नौकरी पर खतरा
इससे पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने संशोधित रिजल्ट पर रोक लगा दी थी. यह संशोधन पिछड़े वर्ग के प्रमाण पत्रों से जुड़े एक पुराने हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर किया गया था. इस संशोधित रिजल्ट में करीब 1700 नए अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली थी, जबकि 781 नौकरी प्राप्त कर चुके अभ्यर्थी बाहर हो गए. अब इन अभ्यर्थियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है.
HSSC ने ग्रुप C पदों के लिए पिछड़े वर्ग श्रेणी के प्रमाणपत्र स्वीकार नहीं किए थे, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. जस्टिस जगमोहन बंसल की खंडपीठ ने HSSC के इस फैसले को रद्द कर दिया था. इस फैसले के आधार पर HSSC ने 14 जून को संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया था, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और जस्टिस संदीप मौदगिल की खंडपीठ ने संशोधित रिजल्ट पर रोक लगाते हुए याचिकाओं को HPSC की तरफ से दायर अपीलों के साथ सुनवाई का आदेश जारी कर दिया.
युवाओं ने दिया था यह तर्क
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि हरियाणा सरकार के पास परिवार पहचान पत्र का पूरा डेटा मौजूद हैं. उससे उनकी जाति की पुष्टि आसानी से की जा सकती है. हरियाणा सरकार व HSSC ने ऐसा न करके उनकी उम्मीदवारी को ही रद्द कर दिया, जो सरासर ग़लत है.
