फरीदाबाद में 60 वर्षीय महिला ने हाथ की आर्ट से बनाया लाखों का कारोबार, पढ़ें निष्ठा सूरी की सक्सेस स्टोरी

फरीदाबाद | आमतौर पर कुछ लोग रिटायरमेंट के बाद आराम करना पसंद करते हैं, लेकिन हरियाणा के फरीदाबाद की 60 वर्षीय निष्ठा सूरी ने इस सोच को बदल दिया है. उन्होंने उम्र के इस पड़ाव पर अपने हुनर से लाखों रुपए की कमाई की है. न केवल वे खुद आत्मनिर्भर बनीं, बल्कि अब औरों को भी इसकी ट्रेनिंग दे रही हैं. बचपन में सीखी गई कला को उन्होंने फिर से अपनाया और अब 10 से 12 घंटे तक लगातार मेहनत करती हैं.

Nishtha Soori

वह बताती हैं कि जब वह स्कूल में थीं, तो उनकी क्लास की लड़कियां ऊन और धागों से मफलर, बैग, टोपी और अन्य होम डेकोरेशन आइटम्स बनाती थीं. यह देख कर उनके मन में भी हैंडीक्राफ्ट का शौक पनपा.

हुनर बना कमाई का जरिया

पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह इस काम को आगे नहीं बढ़ा पाईं. वह कहती हैं कि जो हुनर आपके अंदर होता है, वह कभी खत्म नहीं होता. आज उसी कला को व्यवसाय का रूप देकर वह लाखों की कमाई कर रही हैं. देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी उनके सामान के ऑर्डर आ रहे हैं.

ऐसे मिला पहला ऑर्डर

निष्ठा ने बताया कि साल 2019 में उनकी बेटी का एक इयररिंग टूट गया था, जिसे उन्होंने ठीक कर नया डिजाइन दे दिया. बेटी ने जब इसे सोशल मीडिया पर डाला, तो काफी लोगों ने तारीफ की. देखते ही देखते उन्हें 50 इयररिंग्स के ऑर्डर मिल गए. भले ही शुरुआत में उन्हें ₹10,000 खर्च करना पड़ा, लेकिन मुनाफा 15 गुना मिला. इससे उन्हें आत्मविश्वास मिला और उन्होंने इसी क्षेत्र में काम जारी रखने का फैसला किया.

सोशल मीडिया बना सहारा

बेटी ने बाद में उनके पुराने बनाए प्रोडक्ट्स की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर डालनी शुरू कर दीं. इससे उनके पास लगातार ऑर्डर आने लगे. इसी दौरान एक संस्था ने उनसे महिलाओं को ट्रेनिंग देने की पेशकश की. निष्ठा ने यह जिम्मेदारी भी संभाली और महिलाओं को यह कला सिखानी शुरू कर दी. उन्होंने डिजाइनर मफलर, बैग, फोटो फ्रेम, इयररिंग, टेबल मैट, बेबी ब्लैंकेट और होम डेकोरेशन आइटम्स बनाए, जो सोशल मीडिया पर काफी सराहे गए.

प्रोडक्ट्स की बढ़ी मांग

समय के साथ निष्ठा का काम इतना बढ़ गया कि उन्होंने अपनी 27 साल की टीचिंग की नौकरी छोड़ दी. अब हैंडीक्राफ्ट ही उनका फुल टाइम प्रोफेशन बन गया है. देश ही नहीं, विदेशों से भी उन्हें ऑर्डर मिल रहे हैं. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है, जहां अब वे दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हैं. निष्ठा को सरकार से बस एक ही मलाल है कि अगर उन्हें सरकारी सहयोग मिले, तो वह और भी ज्यादा महिलाओं को यह हुनर सिखा सकती हैं.

Avatar of Nisha Tanwar
Nisha Tanwar
View all posts