फरीदाबाद । अक्सर हमारे दिमाग में जब भी सरकारी स्कूल का ख्याल आता है तो हमारे सामने एक ही तस्वीर नजर आती है कि पुरानी और जर्जर इमारतें, कमरों में टूटा-फूटा सामान और पढ़ाई का पुराना तरीका मिलेगा. लेकिन आप फरीदाबाद के सेक्टर-55 के सरकारी स्कूल में पहुंचेंगे तो एक अलग ही तस्वीर देखने को मिलेगी. यह स्कूल पूरे हरियाणा में बेस्ट सरकारी स्कूल का खिताब अपने नाम कर चुका है.
इसी स्कूल में पढ़ते है शिक्षकों के बच्चे
इस स्कूल की उपलब्धि के पीछे की वजह यहा के शिक्षक ही हैं. आमतौर पर हम देखते हैं कि आमजन के साथ-साथ सरकारी शिक्षकों के बच्चे भी किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करते हुए मिलेंगे लेकिन इस स्कूल की खास बात यह है कि यहां के शिक्षकों ने भी अपने बच्चों का दाखिला इसी स्कूल में करवाया हुआ है. जिसका नतीजा यह हो रहा है कि इस स्कूल से पढ़ कर निकलने वालें बच्चे इंजिनियरिंग, मेडिकल जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन कर रहे हैं.
टेस्ट के बाद स्कूल में मिलता है एडमिशन
इस स्कूल की एक खूबी यह भी है कि पढ़ाई से लेकर साफ-सफाई और डिजिटाइजेशन में यह स्कूल अच्छे-खासे प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहा है. इस स्कूल में बच्चों को एडमिशन लेने के लिए पहले टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. जैसे हरेक माता-पिता की इच्छा होती है कि उसके बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करें, ठीक उसी तरह यहां के माता-पिता की इच्छा है कि उनके बच्चे का एडमिशन इस सरकारी स्कूल में हों.
यहां आधुनिक तरीके से होती है पढ़ाई
स्कूल के हर कमरें में टीवी और बोर्ड की सुविधा उपलब्ध है जिसके माध्यम से डिजिटल तरीके से पढ़ाई करवाई जाती है. यहां के अध्यापक किताबों के साथ-साथ डिजिटल तकनीक से भी बच्चों को पढ़ाते हैं. डिजिटल शिक्षा देने के पीछे यही उद्देश्य है कि बच्चे आधुनिक तकनीक से भी जुड़े रहे.
स्कूल की दीवारों पर मॉडल
बाहर से भले ही आपको यहां सरकारी स्कूल का अहसास लगें लेकिन अंदर कदम रखते ही आप भूल जाएंगे कि आप किसी सरकारी स्कूल में हैं क्योंकि यहां साइंस, मेडिकल और कॉमर्स जैसे विषयों की भी कक्षाएं लगती है. स्कूल की दीवारों पर सभी विषयों से संबंधित मॉडल की पेंटिंग बनाई गई है.
बच्चों को बेहतर शिक्षा देना मकसद
इस स्कूल में कार्यरत शिक्षकों का कहना है कि उनका सिर्फ एक ही मकसद है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान की जाएं. यहां प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले कई गुना बेहतर पढ़ाई करवाई जाती है. यहां से पास आउट होने वाले बच्चे कंपिटिशन की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका सिलेक्शन भी हो रहा है जिसकी वजह से स्कूल का नाम रोशन हो रहा है.
