फरीदाबाद | दिल्ली से सटे फरीदाबाद के बल्लभगढ़ शहरवासियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी ढांचा मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (AIIMS) द्वारा 50 बिस्तर का अस्पताल बनवाया जाएगा. अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और इसे अगले साल अप्रैल महीने तक पूरा कर लिया जाएगा.
क्षेत्र को 2 नए अस्पताल की मिली सौगात
बता दें कि दिल्ली एम्स ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से साल 1967 में बल्लभगढ़ में अस्पताल का निर्माण करवाया था. तब यहां आबादी बेहद ही कम थी लेकिन अब क्षेत्र की आबादी 5 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी हैं. नेशनल हाईवे पर होडल से लेकर दिल्ली तक सिर्फ यही अस्पताल सबसे नजदीक है. यही वजह है कि जब भी हाइवे पर कोई एक्सीडेंट होता है तो सबसे पहले घायलों को उपचार के लिए यहीं पर लाया जाता है.
यहां प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को बादशाह खान, सफदरजंग, एम्स दिल्ली या एम्स के ट्रामा सेंटर में रेफर किया जाता है. ऐसे में ओपीडी और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली एम्स ने अब पुराने अस्पताल की बिल्डिंग को तोड़कर नया अस्पताल बनाने की योजना बनाई है. इसके निर्माण कार्य के लिए 18 करोड़ रुपए की धनराशि को स्वीकृति प्रदान की गई है.
वहीं, दिल्ली एम्स द्वारा फतेहपुर बिल्लौच में भी 15 बेड का एक अस्पताल बनाया जा रहा है. इस तरह से जिले में एम्स के 65 बिस्तर के दो अस्पताल बन जाएंगे. इन अस्पतालों का शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा. उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिलेगा.
बल्लभगढ़ के पुराने अस्पताल में एक ऑपरेशन थियेटर था लेकिन नए अस्पताल में इसकी संख्या 4 होगी. चारों आपरेशन थिएटर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मशीन उपलब्ध कराई जाएंगी. भवन निर्माण कार्य को इस साल के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, अगले साल अप्रैल महीने से यहां ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी जाएगी. क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है- डॉ. हर्षब रमेश साल्वे, अतिरिक्त इंचार्ज प्रोफेसर एम्स बल्लभगढ़
