नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार ने एक खास योजना के तहत मुनक नहर के 17 किलोमीटर लंबे हिस्से को सोलर पैनल से ढकने की योजना बनाई है. इसके 2 तगड़े फायदे मिलेंगे. पहला पानी की बर्बादी रूकेगी और दूसरा स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो सकेगा. जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली जल बोर्ड इसका अध्ययन कर रहा है.
जलापूर्ति की रीढ़ मुनक नहर
दो मुख्य चैनल दिल्ली सब- ब्रांच और कैरियर लाइनड चैनल से मिलकर बनी मुनक नहर दिल्ली में जलापूर्ति की रीढ़ कहलाती है. लेकिन इसका लगभग 30% पानी रिसाव और वाष्पीकरण की वजह से बर्बाद हो जाता है. इसके अलावा कूड़ा-कचरा फेंकने और असुरक्षित खुले हिस्सों के चलते हर वक्त दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है.
पिछले दिनों मुनक नहर की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा था कि मुनक नहर दिल्ली की लाइफलाइन हैं लेकिन इसके मौजूदा स्वरूप में पानी की हानि, प्रदुषण और खतरे की आंशका बनी रहती है. ऐसे में हमारी सरकार सोलर पैनल लगाने की योजना बना कर न केवल पानी की बचत करेगी बल्कि स्वच्छ बिजली पैदा करने और नहर को सुरक्षित बनाने का काम करेगी.
गुजरात मॉडल से लिया आईडिया
उन्होंने बताया कि यह खास आईडिया गुजरात के एक सफल प्रोजेक्ट से प्रेरित है, जहां नहरों के ऊपर सोलर पैनल लगाकर जगह का बेहतर उपयोग किया गया. वाष्पीकरण रोका गया और स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन लिया गया. बता दें कि मुनक नहर की लंबाई 102 किलोमीटर हैं, जिसका 85 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और 17 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में पड़ता है.
