फरीदाबाद | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद के लोगों की जेब पर दोहरा डाका डाला जा रहा है. शहर के लाखों प्रोपर्टी धारकों पर दोहरे कचरा संग्रह की मार पड़ी है क्योंकि उन्हें अब प्रोपर्टी टैक्स के साथ कचरा संग्रह शुल्क का भी भुगतान करना होगा, जबकि लोग पहले से ही कूड़ा कलेक्शन करने वाले वैंडरों को भुगतान कर रहे हैं.
लोगों ने जताई नाराजगी
बता दें कि 2 दिन एनडीसी पोर्टल की साइट बंद रहने के बाद जब अपडेट की गई तो उसमें प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा संग्रह भी जोड़ दिया गया. ऐसे में प्रोपर्टी टैक्स का भुगतान करने वाले लोग परेशान दिखाई दिए और उन्होंने पार्षदों से संपर्क किया.
पार्षदों ने मामले की जानकारी लेने के लिए निगम अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन निगम अधिकारियों के पास भी टैक्स के साथ कचरा संग्रह जोड़ने को लेकर कोई जवाब नहीं है. क्षेत्रीय कराधान अधिकारियों का कहना है कि विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है. उनसे जानकारी ली जा रही है कि यह कचरा संग्रह किस हिसाब से जोड़ा गया है.
सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
नगर निगम कचरा संग्रह को लेकर अभी तक कोई एजेंसी नियुक्त नहीं कर पाया है. अभी तक वैंडर ही डोर टू डोर कचरा संग्रह कर रहे हैं. निगम की ओर से कचरा संग्रह को लेकर प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा गया है. इसको अब सदन की बैठक में भी रखा जाएगा.
इससे पहले भी निगम 3 बार कचरा संग्रह को लेकर प्रस्ताव तैयार कर चुका है, लेकिन किसी न किसी वजह से हर बार प्रस्ताव को रद्द करना पड़ा था. हालांकि, इस बार निगम को उम्मीद है कि सरकार की ओर से डोर टू डोर कलेक्शन के बनाए गए प्रस्ताव पर मुहर लगा दी जाएगी.
प्रोपर्टी टैक्स के साथ जो कचरा शुल्क जोड़ा गया है, वह नई एजेंसी नियुक्त होने के बाद लागू होगा. इसके लिए निगम ने प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेज दिया है. जल्द ही डोर टू डोर कचरा संग्रह के लिए एजेंसी नियुक्त की जाएगी- गौरव अंतिल, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम
