फरीदाबाद निवासियों के लिए अच्छी खबर, नियमों में बदलाव से 50 गज जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे लोग

फरीदाबाद | हरियाणा की नायब सैनी सरकार (Haryana Govt) ने शहरी वर्ग को राहत पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार के इस फैसले से औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के शहरी क्षेत्रों में लोगों के लिए खुद के घर का सपना साकार हो सकेगा. खास बात यह है कि लोग 50 वर्ग गज जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे.

Property Jamin Jagah

नो ड्यूज सर्टिफिकेट जरूरी नहीं

सूबे के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इसके लिए अब नगर निगम से नो ड्यूज सर्टिफिकेट (NDC) सर्टिफिकेट की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है.

मंत्री सुभाष सुधा ने बताया कि इस फैसले के बाद प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि की खरीद व भूमि का कोई हिस्सा बेचने के लिए नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं से किसी भी नो ड्यूज सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि भूमि मालिक सीधे तौर पर अपनी रजिस्ट्री करवा सकेंगे. ऐसी संपत्तियों पर किसी भी तरह का प्रॉपर्टी टैक्स व विकास शुल्क भी लागू नहीं होगा. राज्य में इस तरह की कुल संपतियों का आंकड़ा 2 लाख 52 हजार है.

उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों की कॉलोनियों में स्थित खाली प्लॉट को बेचने की अनुमति होगी. इसके लिए प्रार्थी को प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य बकाया शुल्क आदि का भुगतान करने के बाद नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा, जिसके आधार पर वो अपनी संपत्ति को बेच सकेंगे. राज्य मंत्री ने कहा कि जिस भी सम्पत्ति मालिक ने लाल डोरा के अंदर स्थित अपनी सम्पत्ति को स्वयं प्रमाणित कर दिया है उसे अपनी संपत्ति बेचने की अनुमति होगी.

रजिस्ट्री होते ही पोर्टल पर अपडेट होगा रिकॉर्ड

सुभाष सुधा ने बताया कि शहरी क्षेत्र के लोगों को घर बैठे सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए HSVP, HSIIDC एवं तहसील में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री होते ही सभी तरह के विवरण नगर निकायों के प्रॉपर्टी पोर्टल पर खुद आ जाएंगी और लोगों को अब इसके लिए सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ करने या किसी के पास भी जाने की जरूरत नहीं होगी और इस सुविधा का लाभ उन्हें घर बैठे मिलेगा.

कर पाएंगे 100 गज के दो हिस्से

हरियाणा सरकार के इस फैसले के बाद पारिवारिक हिस्सेदारी में परिवार के लोगों को अपनी संपत्ति का बंटवारा करने का अधिकार प्रदान किया गया है और इसमें सबसे छोटा हिस्सा 50 गज तक का हो सकता है. 100 गज के प्लॉट के दो हिस्से ही किये जा सकते हैं. शहरी क्षेत्रों में HSVP, HSIIDC और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की लाईसेंस्ड कॉलोनियों को छोड़कर अन्य संपत्तियों को जो नगर निकायों के नियंत्रण में है उनका बंटवारा किया जा सकता है.

रियल एस्टेट कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

फीवा महासचिव गुरमीत सिंह देओल ने कहा कि सैनी सरकार के इस फैसले से रियल एस्टेट कारोबार को बढ़ावा मिलेगा. आम आदमी का खुद का घर बनाने का सपना पूरा हो सकेगा. भूमि मालिक के सामने भी जमीन बेचने का विकल्प होगा. यानि वह जरूरत के हिसाब से जमीन बेच सकेगा क्योंकि जमीन की रजिस्ट्री के लिए एनओसी की बाध्यता समाप्त कर दी गई है.

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