फाइनेंस डेस्क | भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की तरफ से अप्रैल के महीने में लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है. बता दें कि इस साल अगस्त में एक और छोटी कटौती की भी संभावना बनती हुई दिखाई दे रही है. आज हम आपको इसी के बारे में डिटेल से जानकारी देने वाले हैं. आरबीआई के इतिहास का सबसे छोटा रेट कट साइकिल होगा. एक बार फिर से रेपो रेट में बदलाव देखने को मिलने वाला है.
अगर रेपो रेट में कमी आती है, तो इसका प्रभाव आम आदमी पर दिखाई देगा. अब आपको लोन की सुविधा और भी सस्ती दरों पर मिलने वाली है, EMI भी प्रभावित होगी. हालांकि, बचत पर रिटर्न कम होने से नुकसान की भी संभावना बन रही है.
जल्द होगी MPC की बैठक
रेपो रेट में कटौती की उम्मीद बढ़ने के पीछे कई प्रमुख कारण भी माने जा रहे हैं. इसमें सबसे प्रमुख महंगाई दर है, जो फरवरी में घटकर 3.61% पर पहुंच गई है. इस साल जीडीपी ग्रोथ भी 6.4% ही रहने का अनुमान है, जो कि पिछले कई सालों में सबसे कम है. रायटर्स पोल के अनुसार, 60 में से 54 अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आरबीआई की तरफ से 7 से 9 अप्रैल की एमपीसी की बैठक में रेपो रेट में बड़ी कमी की जाएगी. उम्मीद की जा रही है कि रेपो रेट में 0.25% की कटौती की जाएगी, इसके पास बाद यह 6% रह जाएगी.
रेपो रेट में बड़ा बदलाव
बैंकों की तरफ से पहले ही लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए 64,000 करोड़ सिस्टम में डाले गए हैं, परंतु अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इसका असर अर्थव्यवस्था पर पूरी तरह से दिखाई देने वाला है. अगर रेट कट का फायदा पूरी इकोनामिक तक पहुंचना है, तो बैंकिंग सेक्टर में लिक्विडिटी सकारात्मक होनी बेहद ही जरूरी है. अब बैठक होने के बाद ही पता चलेगा कि आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में क्या बदलाव किया जाता है.
