हिसार | हरियाणा में किसानों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है. हिसार स्थित चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) ने उच्च उत्पादकता वाली गेहूं की नई किस्म WH- 1402 विकसित की हैं. गेहूं की इस नई किस्म के बीज के वितरण और प्रचार- प्रसार के लिए यूनिवर्सिटी ने टोहाना स्थित श्री संत सीड्स एलएलपी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.
इस खास मौके पर HAU कुलपति प्रो बीआर कंबोज ने गेहूं की नई किस्म विकसित करने वाले कृषि वैज्ञानिकों की पूरी टीम को बधाई दी और उनकी इस पहल को किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्में मुहैया कराने की दिशा में यूनिवर्सिटी का निरंतर प्रयास बताया.
WH- 1402 किस्म की खासियतें
बिजाई का उपयुक्त समय: अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक.
पकने की अवधि: लगभग 147 दिन.
उपज एवं दाना: इसकी बालियां लंबी होती हैं और दाना मोटा होता है.
गिरने की संभावना कम: किस्म की ऊंचाई लगभग 100 सेंटीमीटर होने के कारण तेज हवाओं में इसके गिरने की संभावना बहुत कम होती है.
पौष्टिक तत्व: यह किस्म पौष्टिकता की दृष्टि से भी उत्तम है, जिसमें 11.3% प्रोटीन, 37.6 पीपीएम लौह और 37.8 पीपीएम जिंक पाया गया है.
किसानों को मिलेगा फायदा
अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि यह समझौता कृषि अनुसंधान और निजी उद्यमिता के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे हरियाणा और आसपास के किसानों को ज्यादा पैदावार और बेहतर पोषण वाली गेहूं की किस्म का लाभ मिल सकेगा.
