हिसार । हिसार जिले में 10 रुपए का सिक्का चलन से पूरी तरह बाहर हो चुका है. पेट्रोल पंप हों या सरकारी महकमा, हर कोई इन्हें लेने से साफ परहेज़ कर रहा है. लांचिंग के बाद से ही बाजार में 10 रुपए के सिक्के को लेने को लेकर तनातनी रहीं हैं. फिलहाल हालात ऐसे हैं कि जिन लोगों के पास 10 रुपए के सिक्के हैं , उन्हें सिक्के चलाने के लिए 172 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा हैं क्योंकि हरियाणा में 10 रुपए के सिक्के चलन से बाहर हो गए हैं तो ऐसे में उन्हें चलाने के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है.
पूर्व में सिक्कों को वापस लेने की बैंकों ने कोशिश की ,मगर लोगों ने 10 रुपए के सिक्कों का इतना भुगतान कर दिया कि उन्हें रखने के लिए जगह कम पड़ गई. अब 10 रुपए के सिक्के को दोबारा से बाजार में चलाने के लिए सरकार की ओर से भी कोई विशेष प्रयास नहीं हो रहें.
नकली सिक्कों का पकड़ा गया था रैकेट
कुछ दिनों पहले हिसार में नकली सिक्कों को चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ था जिसके बाद से ही लोगों में सिक्कों को लेकर भय की स्थिति बन गई. धीरे-धीरे छोटे दुकानदारों ने भी इसे स्वीकारना बंद कर दिया और उसके बाद तो आम आदमी भी इसे लेने से कतराने लगा. खास बात तो यह है कि सरकारी विभाग भी 10 रुपए का सिक्का लेने से मना कर रहे हैं. लघु सचिवालय में सरकारी कैंटीन और पार्किंग है,मगर एक जगह पर भी 10 रुपए का सिक्का लेने की कोई हामी नहीं भरता. उनका तर्क रहता है कि बाजार में ये चल नहीं रहा तो हम लेकर क्या करेंगे. अगर हम लें भी लें तो जमा करवाने के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं.
दिल्ली नहीं, यहां भी करवा सकते हैं जमा
अगर आपके पास 10 रुपए के सिक्के हैं तो आप बैंक जाकर जमा करवा सकते हैं क्योंकि नियमानुसार बैंक आपसे सिक्के लेने से मना नहीं कर सकता है. यह भारत सरकार के रिजर्व बैंक द्वारा जारी मुद्रा है.
