जींद | देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. बता दें कि रेलवे मंत्रालय ने इस DEMU ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दिखा दी है. यह ट्रेन उत्तरी रेलवे क्षेत्र के तहत जींद- सोनीपत रेलमार्ग पर सफर करेगी. हाइड्रोजन ऊर्जा से संचालित 10 कोच वाली इस ट्रेन की अधिकतम रफ़्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी.

सुरक्षा और अनुपालन
रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CCRS) ने सुरक्षा परीक्षण के दौरान बताया कि मंजूरी का मतलब तुरंत संचालन शुरू होना नहीं है. कई अनुपालन प्रक्रियाएं और सत्यापन चरण अभी पूरे होने बाकी हैं और उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक को ये रिपोर्ट जमा करानी होगी. ये रिपोर्ट आरडीएसओ, CCRS और पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) जैसे अन्य वैधानिक प्राधिकरणों से संबंधित होंगी.
PESO ने जींद में संपीड़ित हाइड्रोजन गैस भरने का लाइसेंस दिया है. हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण और वितरण सुविधा पर लगे सेंसर धूल से खराब हो सकते हैं. इसलिए सुरक्षित संचालन के लिए इनकी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी. उत्तरी रेलवे को महत्वपूर्ण भूमिकाओं में तैनात कर्मियों को उचित प्रशिक्षण देना होगा. इसमें हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशनों और ऑनबोर्ड क्रू सदस्य शामिल हैं.
सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, रखरखाव के लिए ट्रेन को डीजल लोकोमोटिव द्वारा शकूरबस्ती ले जाया जाएगा. शुरूआती 3 महीनों के लिए ट्रेन के साथ प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी रहेंगे. यह कर्मचारी रास्ते में आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान करेंगे.
DPRS तकनीक पर आधारित हाइड्रोजन ट्रेन
यह ट्रेन डीजल या बिजली की बजाय हाइड्रोजन ईंधन सेल का उपयोग करके बिजली उत्पन्न करेगी. इसका कुल बिजली उत्पादन 1,200 किलोवाट है और यह वितरित पावर रोलिंग स्टॉक (DPRS) तकनीक पर काम करेगी जिसमें बिजली पूरी ट्रेन में वितरित होती है. मंत्रालय की मंजूरी रिसर्च डिजाइन और मानक संगठन की तकनीकी स्वीकृति के बाद मिली है.