हरियाणा के युवा मीत ने पेश की मिसाल, तीन बार फेल होने पर भी नहीं मानी हार; लेफ्टिनेंट बनकर पूरा किया सपना

जींद | हरियाणा के जींद जिले (Jind District) के सफीदों उपमंडल के गांव हाट के मीत सिंगला ने सेवा में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति पाई है. 3 बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार चौथे प्रयास में सफलता प्राप्त की. उनके लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होने से पूरे परिवार सहित गांव भर में खुशी की लहर दौड़ गई. उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.

Mit Singhla

टेलीविजन प्रोग्राम से बदला लक्ष्य

सेवा में चयन होने के बाद मंगलवार को जब मीत गांव पहुंचे, तो परिजनों, ग्रामीणों और अन्य सामाजिक संगठन से जुड़े लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया. उन्हें खुली जीप में घर तक ले जाया गया. गांव के प्रबुद्ध लोगों ने उन्हें नोटों और फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया. मीत बताते हैं कि उन्हें चौथे प्रयास में यह सफलता प्राप्त हुई.

12वीं पास करने के बाद वह एक बार टेलीविज़न देख रहे थे, तब उन्होंने देखा कि सेना के अधिकारी देश की सुरक्षा करते हुए कैसे सर्च ऑपरेशन को पूरा करते हैं. इस दौरान वे अपनी जान की परवाह भी नहीं करते. इस प्रोग्राम से उनकी जिंदगी का लक्ष्य बदल गया. अब उन्होंने ठान लिया था कि वह भी सेना के अधिकारी बनकर देश की सेवा करेंगे.

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24 रहा लकी नंबर

मीत सिंगला के पिता सुरेश कुमार ने बताया कि मीत ने सेना का अधिकारी बनने के लिए काफी परिश्रम किया, जो जिला राजस्व अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं. उनके लिए 24 नंबर काफी लकी रहा. भारत भर में उनकी रैंक 24 रही और उन्हें चेस्ट नंबर भी 24 ही मिला. मीत ने इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है. तीन बार असफल होने के बाद चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता प्राप्त की.

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Nisha Tanwar
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