ज्योतिष | हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष महत्व प्राप्त है. इस साल भाद्रपद अमावस्या 23 अगस्त यानी कि आज के दिन मनाई जा रही है. शनिवार पडने की वजह से इसे शनि अमावस्या भी कहा जाता है. यह अमावस्या पितरों को प्रसन्न करने के लिए काफी खास है. इस दिन पितरों की पूजा- श्राद्ध या तर्पण करने का विधान बताया गया है. ऐसा करने से पितृ आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं. आज की इस खबर में हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
आज है शनि अमावस्या
भगवान की भक्ति के लिए यह अमावस्या बेहद ही खास है. कहा जाता है कि इस तिथि पर अगर हम श्रद्धापूर्वक तर्पण- पिंडदान और दान पुण्य करते हैं, तो ऐसा करने से हमारे पूर्वज प्रसन्न होते हैं और हमें जीवन में सुख- समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या तिथि पर किसी भी नए कार्य की शुरुआत करना बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता. ऐसे में आपको इस दिन नए काम की शुरुआत करने से बचना चाहिए.
इन कार्यों को करने से बचे
अमावस्या पर तामसिक भोजन जैसे मांस- मदिरा- लहसुन और प्याज आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए. इसलिए अमावस्या तिथि पर जितना हो सके आपको सात्विक भोजन करना चाहिए. इस दिन बाल और नाखून काटना भी वर्जित माना जाता है. इसके साथ, इस दिन व्यक्ति को यात्रा करने से भी बचना चाहिए. अगर आप भी अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आज का दिन काफी खास है आप इस दिन उन्हें आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
