ज्योतिष | आज पूरे देश में दिवाली का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. आज कार्तिक अमावस्या की शुरुआत 3:44 मिनट पर हो रही है. अबकी बार 20 अक्टूबर को अमावस्या पर प्रदोष काल भी मिलेगा. आज की इस खबर में हम आपको दिवाली पूजा के लिए शुभ मुहूर्त से लेकर किस प्रकार आप मां लक्ष्मी को आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं इस बारे में भी विस्तार से जानकारी देने वाले हैं. दिवाली का पावन पर्व भगवान श्री राम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने के उपलक्ष में मनाया जाता है.
आज दिवाली का पावन पर्व
दिवाली के संध्या मुहूर्त की बात की जाए, तो शाम 5:40 से 7:21 तक रहने वाला है. वहीं रात्रि मुहूर्त रात 10:31 से 12:06 तक रहेगा. दिवाली के दिन लक्ष्मी गणेश की संयुक्त पूजा के लिए 3 शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. इसमें से पहला शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में रहेगा, जो शाम 5:40 मिनट से शुरू होकर रात 8:18 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा, अगर आप चाहे तो वृषभ काल में भी पूजा अर्चना कर सकते हैं. इसका मुहूर्त शाम 7:08 मिनट से शुरू होकर 9:03 मिनट तक रहने वाला है.
इस प्रकार करें दिवाली पूजन
दिवाली पूजन के लिए सबसे पहले आपको पूर्व दिशा या ईशान कोण में एक चौकी स्थापित करनी चाहिए. इस पर लाल या गुलाबी रंग का कपड़ा बिछाए, उस पर पहले भगवान गणेश की मूर्ति रखें उसके दाहिनी और मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद आसन पर बैठकर अपने चारों ओर जल का छिड़काव करें और संकल्प लेकर पूजा की शुरुआत करें.
अब आपको सबसे पहले एक मुखी घी का दीप प्रज्वलित करना है, फिर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को फूल मिठाई अन्य पूजन सामग्री अर्पित करनी है. इसके बाद गणेश जी और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जप करके आपको पूजा अर्चना करनी है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
