करनाल | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे में बागवानी और ऑर्गेनिक खेती का रकबा तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसी कड़ी में करनाल में घरौंडा स्थित सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में चेरी टमाटर की खेती की जा रही है. जो उच्च गुणवत्ता, रोग मुक्त और स्वस्थ पौध उत्पादन के लिए हाईटेक ग्रीनहाउस का उपयोग करते हैं.
खाने में अलग ही स्वाद
सब्जी उत्कृष्ट केंद्र में कार्यरत वेजिटेबल एक्सपर्ट डॉ. लवनेश ने बताया कि साइज में चेरी टमाटर अन्य टमाटर की तुलना में छोटे होते हैं. चेरी टमाटर पौष्टिक तत्वों की खान होता है. यह लाल, पीला, नारंगी, गुलाबी रंग में होता है, जो खाने में एक नया ही स्वाद जोड़ देता है. इसका इस्तेमाल ज्यादातर स्वाद के लिए किया जाता है. शादी- ब्याह और मेट्रो शहरों में इसकी बहुत ज्यादा मांग रहती है. इसके कारण चेरी टमाटर की खेती करने वाले किसान बड़े शहरों में इसकी मार्केटिंग कर अच्छा मुनाफा कमाते हैं.
खेती का उपयुक्त समय
डॉ लावनेश ने बताया कि यदि आपके पास एक अच्छी जगह हैं, तो चेरी टमाटर की खेती से आप अच्छा- खासा मुनाफा कमा सकते हैं. उन्होंने बताया कि सितंबर से अक्टूबर के महीने इसकी पौध लगाई जाती है, क्योंकि यह एक बेल पौधा होता है. पोली हाउस में पौधों को रस्सी से सहारा देकर स्टॉकिंग की जाती है, जिसमें पौधों की गुणवत्ता और उपज बढ़ती है.
आगे उन्होंने बताया कि 9 महीने बाद यानि मई जून तक यह पौधे तुड़वाई देते रहते हैं. उन्होंने बताया कि एक लाइन में 2 बेड रहेंगे और पौधे की दूरी 30- 40 सेंटीमीटर रहेगी. पॉलीहाउस में एक एकड़ में करीब 10 हजार के करीब पौधे लगाए जा सकते हैं. हर पौधे 2.5 से 3 किलो तक टमाटर दे सकता है. इस प्रकार एक एकड़ में 250- 300 क्विंटल तक चेरी टमाटर पैदा किया जा सकता है. बाजार में चेरी टमाटर का मूल्य 150- 200 रुपये प्रति किलो है, जो आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है.
