किसानों से बातचीत के रास्ते अभी खुले हैं, करनाल जिला प्रशासन धरने को ख़त्म करने की कर रहा है अपील

करनाल । करनाल जिला प्रशासन द्वारा लघु सचिवालय गेट के सामने बैठे किसानों से लगातार बातचीत कर मामले का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है. उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने किसानों से दोबारा अपील की है कि वे हठधर्मिता छोड़कर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने में सहयोग करें. उन्होंने तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई पर कहा कि इस मामले की जांच मुख्य सचिव के आदेशों द्वारा की जा रही है, उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. 

Karnal Mahapanchayat Kisan

उपायुक्त ने कहा कि अगर किसान जांच प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं तो उसका स्वागत किया जाएगा, या किसान इस मामले की जांच किसी अन्य स्तर पर करवाना चाहते हैं तो वह मांग भी मानी जा सकती है. उन्होंने कहा कि किसी भी जिला का लघु सचिवालय संबंधित जिला का मुख्य प्रशासनिक केंद्र होता है जहां पर आम आदमी को अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आना पड़ता है. ऐसे में करनाल लघु सचिवालय पर किसानों द्वारा धरना देने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

यह भी पढ़े -  करनाल शहर की खूबसूरती में लगेंगे चार- चांद, ग्रीन बेल्ट में इन सुविधाओं का मिलेगा लाभ

उन्होंने कहा कि करनाल जिला प्रशासन आरंभ से ही धरनारत किसानों के साथ बातचीत के माध्यम से मामले का समाधान करने की कोशिश में है. प्रशासन द्वारा धैर्य और संयम का परिचय देते हुए किसानों से बातचीत करने के रास्ते खुले रखे हैं. लगातार किसानों से जिला प्रशासन द्वारा धरना समाप्त करने की अपील की जा रही है. जिले में कानून व्यवस्था बिल्कुल ठीक है. सभी कार्यालयों में कार्य सुचारू रूप से चल रहा है.