कुरुक्षेत्र में स्थित है विश्व का एकमात्र मंदिर, जहां भगवान भोलेनाथ बिना नंदी के हैं विराजमान

कुरुक्षेत्र | हिंदू पंचांग के अनुसार, हिंदू वर्ष का फाल्गुन महीना चल रहा है, जिसमें शिवरात्रि का पावन त्यौहार भी आता है. अबकी बार 26 जनवरी 2025 को महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2025) का त्यौहार है. इस अवसर पर भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह उत्सव के तौर पर मनाया जाता है. हरियाणा सहित पूरे देश भर में भक्तों में इस त्यौहार को लेकर विशेष उत्साह होता है.

Shiv

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में श्री कालेश्वर महादेव मंदिर स्थित है. ऐसा मन जाता है की जो भक्त महाशिवरात्रि के दिन यहाँ पूजा- अर्चना करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

बिना नंदी के विराजमान हैं भोलेनाथ

यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर माना जाता है, जहां भगवान शिव बिना नंदी जी के विराजमान है. यहाँ के मुख्य पुजारी राकेश कुमार शास्त्री बताते हैं कि आदिकाल से यह मंदिर यहाँ स्थापित है. इसे काफी दिव्य माना जाता है क्योंकि यहाँ महादेव के साथ नंदी महाराज विराजमान नहीं है. ऐसी मान्यताएं हैं कि यहाँ महादेव के सामने जो श्रद्धालु मनोकामना मांगते हैं वह सीधे महादेव सुनते हैं और उनके संवाद सीधे महादेव से ही होते हैं.

ऐसे में यहाँ आने वाले भक्तों की सभी मुराद पूरी होती है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि इस प्रकार बिना नदी के महादेव का मंदिर और कहीं देखने को नहीं मिलेगा.

मंदिर का इतिहास

इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्य पुजारी बताते हैं कि आदिकाल में एक बार जब लंका पति रावण अपने वाहन से आकाश मार्ग से यहाँ से गुजर रहे थे. जब वह मंदिर के ठीक बिल्कुल ऊपर पहुंचे तो उनका वाहन डगमगा गया. उन्होंने सोचा कि ऐसी क्या चीज है जिसके कारण उनका वाहन डगमगा गया. उन्होंने जब नीचे आकर देखा तो उन्हें यहाँ शिवलिंग दिखाई दिया. इसके बाद, वह यहाँ कई सालों तक तपस्या करते रहे. रावण की तपस्या से खुश होकर भगवान महादेव उनके सामने प्रकट हुए और रावण को वरदान दिया.

इस दौरान रावण ने महादेव से कहा कि वह उनसे जो कुछ भी मांगे उसका कोई भी साक्षी नहीं होना चाहिए. रावण की बात को मानते हुए महादेव ने नंदी महाराज को कैलाश पर्वत पर छोड़ दिया जिसके बाद वह अकेले ही रावण के सामने प्रकट हुए.

भक्तों की होती है मुरादें पूरी

कालेश्वर महादेव मंदिर में नंदी महाराज विद्यमान नहीं हैं. ऐसी मान्यताएं हैं कि जो भक्त यहाँ आकर मुरादे मांगते हैं, उनकी प्रार्थना सीधे भोलेनाथ स्वयं सुनते हैं और उनका निवारण भी करते हैं. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि कालेश्वर मंदिर में पूजा करने से भक्तों की सभी मुरादे तो पूरी होती ही हैं. साथ ही, यहाँ काल पर विजय पाने के लिए महादेव की विशेष तौर पर आराधना की जाती है. यदि किसी के परिवार में अकाल मृत्यु होती है या कुंडली में अकाल मृत्यु का दोष होता है, तो यहाँ आकर महादेव की विशेष पूजा अर्चना से यह दोष दूर हो जाता है.

हर दिन होती है अलग प्रकार की पूजा

यहाँ पर गुरुवार के दिन पितरों की शांति के लिए भी पूजा अर्चना की जाती है. सप्ताह के हर दिन अलग- अलग प्रकार की पूजा होती है. पुजारी बताते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन यहाँ पर भक्तों का काफी ज्यादा भीड़ रहती है. यहाँ देश- विदेश से भोलेनाथ के श्रद्धालु भगवान शिव से मुरादें मांगने के लिए आते हैं.

Avatar of Nisha Tanwar
Nisha Tanwar
View all posts