बिटिया को लेने फुलों, गुब्बारों, चॉकलेट और चिप्स से सजी कार लेकर हॉस्पिटल पहुंचा शख्स, सब रह गए हैरान

कुरुक्षेत्र । बदलते जमाने के साथ बेटियों को लेकर लोगों की सोच और व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. कुछ ऐसा ही हसीन नजारा आज हरियाणा की धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में देखने को मिला जहां एक पिता नर्सिंग होम से अपनी नवजात बेटी व पत्नी को घर ले जाने के लिए फूल, गुब्बारे, चॉकलेट और चिप्स के पैकेट से सजी गाड़ी लेकर पहूंचा.

नर्सिंग होम के बाहर राहगीरों को जब इस बात का पता चला तो सबने तालियां बजाकर परिवार का स्वागत किया व बधाई दी. पिता शुभम और पत्नी गीता ने बताया कि यह उनकी पहली औलाद है और वे इस बात की बेहद खुशी हैं कि पहली संतान के रूप में उनके घर बेटी का जन्म हुआ है.

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नन्ही गुड़िया के लिए परिवार के लोगों में इतना प्यार और स्नेह देखकर नर्सिंग होम की डॉ. नीलम कुकरेजा ने भी खुशी जाहिर की है. डॉ ने कहा कि पहले जहां बेटी के जन्म पर लोगों को मायूसी होती है, वहीं अब बदलते समय के साथ लोग बेटियों को भी बेटों से बढ़कर प्यार करने लगें हैं. डॉ ने कहा कि आज के इस युग में बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है. बेटियां हर फील्ड में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है. इसको देखते हुए अब लोगों ने बेटों और बेटियों में भेदभाव करना छोड़ दिया है.

नवजात बेटी को लेने पहुंचा पूरा परिवार

नर्सिंग होम से नवजात बेटी को लेने के लिए पूरा परिवार पहुंचा हुआ था. परिवार के सदस्यों के चेहरों पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं था. परिजनों की खुशी देखकर नर्सिंग होम में मौजूद मरीजों के चेहरे पर भी खुशी छा गई. बच्ची के पिता ने कहा कि बेटे किस्मत से मिलते हैं लेकिन बेटियां सौभाग्य से मिलती है. बच्ची के परिजनों ने कहा कि उन्होंने पहले ही प्लान तैयार कर लिया था कि अगर बेटी पैदा हुईं तो उसे पूरी धूमधाम से घर लेकर आएंगे. उनकी खुशी को देखते हुए मोहल्ले में भी ख़ुशी का माहौल था और हर कोई परिजनों की सराहना करते हुए नहीं थक रहा था.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.