महेंद्रगढ़ | हरियाणा के नारनौल क्षेत्र में एक गांव के सरपंच द्वारा भैंस खरीदने की खुशी में मनाया गया जश्न पूरे इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है. सरपंच महोदय ने इस खुशी में न केवल घर पर डीजे बजवाया बल्कि फूलमालाओं के साथ भैंस का भी जोरदार स्वागत किया. पैरों में घुंघरू बांधकर कस्बे की मुख्य सड़क पर वॉक भी करवाई गई जिसे देखकर हर कोई तारीफ करते नही थक रहा था.

नारनौल में पशुपालन के शौकीन हैं सरपंच
महज 22 साल की उम्र में गांव शहबाजपुर के सरपंच बनें विक्रम पशुपालन व्यवसाय में खासी रूचि रखते हैं. उनकी डेयरी में फिलहाल कई नस्लों की लगभग 1 दर्जन भैंसें है. जिस भैंस की खरीदने की खुशी में उन्होंने गांव में डीजे बजवाया है, उसे राजस्थान के श्रीगंगानगर से 11 लाख रुपए की मोटी रकम लगाकर खरीदा गया है और मुर्रा नस्ल की यह भैंस एक दिन में करीब 30 लीटर दूध देती है.
श्रीगंगानगर से 11 लाख रुपए में खरीदी गई इस भैंस को नांगल चौधरी की अनाज मंडी में उतारा गया. यहां उतरते ही परिजनों ने भैंस का तिलक लगाकर स्वागत किया. इसके बाद फूलमालाओं के साथ भैंस का जोरदार स्वागत किया गया. इसके बाद, बाइकों पर युवाओं के काफिले के साथ जुलूस निकालते हुए भैंस को घर ले जाया गया. इस मनोरम दृश्य को देखकर हर कोई तारीफ कर रहा था. वहीं, मुर्रा भैंस की सुंदरता हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी. घर पहुंचने के बाद लोगों में भैंस के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची हुई थी.
खुद ही करते हैं काम
सरपंच विक्रम ने बताया कि वह मात्र 22 साल की उम्र में अपने गांव की ओर से सबसे छोटी उम्र के सरपंच चुने गए थे. पशुपालन में उनकी शुरू से ही रूचि रही है. उनकी डेयरी में एक दर्जन के करीब भैंसें है जिनमें से सबसे ज्यादा भैंस मुर्रा नस्ल की है. वह खुद ही इन भैंसों का दूध निकालते हैं. अच्छी नस्ल की भैंस पालना उनका शुरू से ही शौक रहा है.