नई दिल्ली | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. जिन विद्यार्थियों ने अबकी बार दसवीं की परीक्षा पास की है ऐसी लड़कियों के खाते में ₹35000 आने का रास्ता खुल सकता है. दरअसल ऐसी बेटियों के लिए सरकार द्वारा दिल्ली लाड़ली योजना पेश की गई है जिसके तहत अगर बेटी दसवीं पास कर लेती है तो उसके खाते में पैसे आना तय हो जाता है.
सात चरणों में मिलती है सहायता राशि
इस योजना के अनुसार जन्म से लेकर 12वीं तक समय-समय पर लाभार्थी बेटी के खाते में पैसा भेजा जाता है. जब वह 18 साल की हो जाती है तो यह पैसा इकट्ठा मिल जाता है. यह राशि सात चरणों के तहत भेजी जाती है. इसमें छठा चरण सबसे अहम माना जाता है जोकि दसवीं पास करना है. खाते में राशि आना इस बात पर निर्भर करता है कि वह बेटी दसवीं पास कर पाती है या नहीं.
अगर कन्या ने दसवीं पास कर ली है और उसने इस योजना के लिए आवेदन किया हुआ है तो उसे कम से कम ₹30000 और ब्याज अलग से मिलना तय हो जाएगा. अगर 12वीं में दाखिला लेती है, तो भी उसे ₹35000 रुपए और ब्याज दिया जाएगा.
पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ
साल 2008 में बेटियों की जन्म दर बढ़ाने की दिशा में सरकार द्वारा इस योजना को पेश किया गया था. राजधानी में पैदा होने वाली बेटियों का परिवार अगर पात्रता शर्तों को पूरा कर लेता है तो वह इस योजना का लाभ उठा सकता है. इस योजना के तहत बेटी के जन्म पर रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है. अगर 10वीं के बाद बेटी पढ़ाई छोड़ देती है तो भी आखिरी किश्त को छोड़कर उसे पैसा मिलता है.
जन्म के समय बेटी के खाते में ₹11000 तक आते हैं. उसके बाद पहली क्लास में दाखिला लेने पर, छठी क्लास में, 9वीं में, दसवीं पास करने पर, 12वीं में एडमिशन लेने पर 5- 5 हजार रूपए की राशि खाते में भेजी जाती है. इस प्रकार से करीब ₹35000 से ₹36000 रुपए मूलधन का पैसा भेजा जाता है. इसके बाद 18 साल का ब्याज उस राशि पर दिया जाता है.
