नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र में मेट्रो विस्तार से जुड़ी एक और अच्छी खबर सामने आई है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बताया है कि यह नया ऐलिवेटेड कॉरिडोर Phase- 5 की गोल्डन लाइन का हिस्सा होगा, जो तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक विकसित किया जाएगा. करीब 4 किलोमीटर लंबा यह रूट यमुना नदी के किनारे से सटे इलाकों को बेहतर मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर पर कुल चार मेट्रो स्टेशन होंगे जिनमें से 2 मौजूदा स्टेशनों को आपस में जोड़ते हुए बीच में दो नए स्टेशन बनाए जाएंगे.
हजारों यात्रियों को मिलेगी राहत
इस नए कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज का सफर लगभग 15 मिनट में पूरा हो सकेगा. इससे रोजाना सफर करने वाले उन हजारों यात्रियों को राहत पहुंचेगी जो साउथ दिल्ली और नोएडा के बीच ट्रैफिक जाम की जकड़न से जूझते हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा नोएडा और फरीदाबाद के बीच में सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा. नोएडा से बदरपुर, दिल्ली और फरीदाबाद की यात्रा मिनटों में पूरी हो जाएगी.
वर्तमान में नोएडा से बदरपुर या तुगलकाबाद पहुंचने के लिए यात्रियों को दो जटिल रूट्स का सहारा लेना पड़ता है. ब्लू लाइन- वॉयलेट लाइन के जरिए सफर करने पर 31 स्टेशन पड़ते हैं और मंडी हाउस पर इंटरचेंज करना होता है, जिससे यात्रा करीब 1 घंटा 20 मिनट से ज्यादा की हो जाती है. ब्लू, मेजेंटा और वॉयलेट लाइन के कॉम्बिनेशन में 18 स्टेशन तो होते हैं लेकिन दो बार मेट्रो बदलनी पड़ती है और कालकाजी मंदिर पर पैदल चलना भी मजबूरी बन जाता है.
ट्रैफिक जाम और प्रदुषण से मिलेगा छुटकारा
गोल्डन लाइन के इस नए ऐलिवेटेड कॉरिडोर के बन जाने के बाद बॉटेनिकल गार्डन से तुगलकाबाद तक सिर्फ 4 स्टेशन रह जाएंगे. इसका सीधा फायदा यह होगा कि नोएडा सिटी सेंटर से बदरपुर बॉर्डर तक कुल स्टेशन घटकर 8 रह जाएंगे और इस पूरे सफर को करीब 25 मिनट में तय किया जा सकेगा.
इस प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा फायदा उन हजारों यात्रियों को मिलेगा जो हर रोज कालिंदी कुंज बॉर्डर पर भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करते हैं. ऐसे में इस रूट पर लोग निजी वाहनों की बजाय मेट्रो से सफर करने को प्राथमिकता देंगे, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदुषण से राहत पहुंचेगी.
यह नया मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली- NCR की सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को और ज्यादा बेहतर बनाने में मदद करेगा. तेज, सुरक्षित और आरामदायक कनेक्टिविटी के जरिए यह प्रोजेक्ट साउथ दिल्ली और नोएडा के बीच की दूरी को लगभग खत्म कर देगी.
