नई दिल्ली | वाहन चालकों को साल 2025 में एक और नए एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है. बता दें कि देश के सबसे लंबे दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे के बाद यह एक्सप्रेसवे दूसरा सबसे लंबी दूरी का रोड होगा. इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक अमृतसर- जामनगर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
4 राज्यों से गुजरेगा यह एक्सप्रेसवे
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बताया कि अब गुजरात से वाया सड़क मार्ग पंजाब का सफर आसान होने जा रहा है. इस अमृतसर- जामनगर एक्सप्रेसवे के जरिए 4 राज्यों की कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा. इसमें गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब शामिल है. इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से इन चारों राज्यों को फायदा पहुंचेगा.
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत एक्सप्रेसवे
NHAI ने बताया कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत, जामनगर- अमृतसर एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है. इस एक्सप्रेसवे का 915 किलोमीटर हिस्सा ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट के आधार पर बनाया जाएगा, जो फोरलेन और सिक्स लेन होगा. बाकी बचे हुए हिस्से को नेशनल हाईवे से अपग्रेड किया जा रहा है.
इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा और इस पर वाहनों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा. यह एक्सप्रेसवे गुजरात और राजस्थान के रेगिस्तान से होते हुए सफर का एक अलग ही अहसास कराएगा.
एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
इस एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों को रोकने के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है. हर किलोमीटर पर एक इमरजेंसी कॉल बॉक्स बनाया जाएगा और दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध रहेगी. इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार निर्धारित की गई है.
इसके निर्माण से जामनगर- अमृतसर के बीच की दूरी घटकर 1256 किलोमीटर रह जाएगी, जो वर्तमान में 1430 किलोमीटर है. एक्सप्रेसवे की बदौलत इस दूरी को मात्र 13 घंटे में पूरा किया जा सकेगा जबकि वर्तमान में यह समय 26 घंटे लगता है.
