नई दिल्ली | ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब एग्रीगेटर इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. बता दें कि केंद्र सरकार (Central Govt) ने कैब नियमों को लेकर कुछ बदलाव किए है. मोटर वाहन एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 में बदलाव करते हुए 15 दिसंबर 2025 को नए व्यवस्था लागू कर दी गई है. इसका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को बेहतर बनाना है. जानिए वे नियम क्या है?
नियमों में बदलाव के मुताबिक अब आप यात्रा करने के बाद ड्राइवर को टिप दे सकते है और इस टिप का पूरा पैसा सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगा. टिप से जुड़ा कोई भी फीचर उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 के खिलाफ नहीं होना चाहिए.
समान जेंडर का ड्राइवर
यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए बदलाव किया गया कि अब यात्री समान जेंडर के ड्राइवर का चुनाव कर सकते है. विशेष रूप से महिला यात्री को महिला ड्राइवर चुनने का मौका मिलेगा, जिससे महिलाओं की सुरक्षा होगी.
मोटर वाहन एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 में पहली बार 1 जुलाई को सूचित किया गया था. इसमें किराए को लेकर भी नियम तय किए गए है. एग्रीगेटर कंपनियां राज्य द्वारा तय मूल किराए से 50% तक कम किराया ले सकती है, लेकिन जब कैब की मांग ज़्यादा बढ़ होती है तब किराया मूल किराए से दोगुना ही किया जा सकता है. उससे ज्यादा किराए के लिए मनमानी नहीं चलेगी.
रूट से हटने पर कंट्रोल रूम को अलर्ट
नए नियमों के अनुसार, ड्राइविंग को दिए गए रूट पर ही चलना होगा. यदि वह रूट चेज करता है तो तुरंत कंट्रोल रूम को सिग्नल चला जाएगा. इसके बाद, कंट्रोल रूम ड्राइवर और यात्री दोनों से बात करेगा अगर कोई परेशानी है तो उसे तुरंत हल किया जा सके.
लगेगा जुर्माना एवं लाइसेंस सस्पेंड
नई गाइडलाइंस के अनुसार, अगर कोई ड्राइवर बिना किसी कारण के कैब कैंसिल करता है तो उसे किराए की 10% राशि जुर्माने के रूप में देनी होगी. इसी प्रकार यदि कोई यात्री बुकिंग कैंसिल करता है तो उसे भी जुर्माना भरना होगा. यह राशि अधिकतम 100 रुपए होगी. नए नियमों में यह भी बताया गया है कि अगर एग्रीगेटर नियमों को तोड़ता है तो संगठन उसकी जांच के बाद लाइसेंस सस्पेंड कर सकता है.
