नई दिल्ली | आठवें वेतन आयोग के गठन की उम्मीद लगाए बैठे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मोदी सरकार (Modi Govt) ने झटका दिया है. हाल ही में वित्त मंत्रालय ने कहा कि निकट भविष्य में 8वें वेतन आयोग के गठन की कोई योजना नहीं है. बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स आठवें वेतन आयोग के गठन का इंतजार कर रहे थे क्योंकि इसके लागू होने से कर्मचारियों के मूल वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य लाभों में बढ़ोतरी होती है.

सरकार ने दिया ये जवाब
राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि फिलहाल आठवें वेतन आयोग के गठन के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है. दरअसल, सवाल किया गया था कि क्या केंद्र सरकार केन्द्रीय बजट 2025- 26 में नए वेतन आयोग के बारे में घोषणा करने की सोच रही है.
10 साल पर गठन
केंद्रीय वेतन आयोग आम तौर पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और भत्तों में बदलाव का आंकलन करने और सुझाव देने के लिए हर 10 साल में गठित किया जाता है. 28 फरवरी 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सातवें वेतन आयोग का गठन किया था. इसने 19 नवंबर, 2015 को अपनी सिफारिशें दी और सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 को लागू हुईं थीं.
अब अगला वेतन आयोग यानि आठवां केन्द्रीय वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से लागू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही थी. जब भी वेतन आयोग लागू होता है तो यह आमतौर पर केंद्रं सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन ढांचे में संशोधन की ओर ले जाता है.