नई दिल्ली | सरकारी कर्मचारियों के लिए एक और राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार (Central Govt) ने आश्वासन दिया है कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत यदि कोई कर्मचारी अपनी मर्जी से रिटायर होता है, तो उसे तुरंत पेंशन का लाभ मिलेगा. पहले ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को पेंशन का लाभ हासिल करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब मोदी सरकार के इस कदम से कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.
रिपोर्ट में मिली जानकारी
केंद्र सरकार के इस फैसले से खासतौर पर उन कर्मचारियों को राहत पहुंचेगी जो किसी कारणवश नौकरी पूरी होने से पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेना चाहते हैं. बता दें कि फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.
UPS पर उठे सवाल
जब मोदी सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यू पेंशन स्कीम (NPS) के विकल्प के रूप में UPS पेश की थी, तो कर्मचारी यूनियनों और विशेषज्ञों ने इसमें कई खामियां गिनाई थी. इनमें एक सबसे बड़ी खामी यह थी कि यदि कोई कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेता है, तो उसे वास्तविक सेवानिवृत्त की उम्र तक पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा.
पिछले महीने कर्मचारी यूनियन ने UPS से जुड़े कई मुद्दों को लेकर पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव से मुलाकात की थी. सबसे बड़ी समस्या यह बताई गई कि अगर कोई कर्मचारी UPS के तहत VRS लेता है, तो उसे पेंशन का लाभ तभी मिलेगा जब वह 60 साल की उम्र (सुपरएन्नुएशन) पूरी करेगा, यानि सेवानिवृत्ति के बाद कई सालों तक बिना पेंशन गुजारा करना पड़ेगा. इस पर सरकार ने आश्वासन दिया था कि विभाग जल्द ही स्पष्ट दिशा- निर्देश जारी करेगा. इस समस्या का समाधान खोजने की कोशिश की जाएगी.
