नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली (Delhi) की ट्रैफिक की समस्या से शायद ही कोई बच पाया होगा. जिसने जीवन में कभी एक बार भी दिल्ली में कदम रखा है तो उसने जरूर इस समस्या को सामने पाया है. इसके पीछे अनेकों कारण हो सकते हैं. आमतौर पर ऑटो चालक, दुकानदारों या खुले में सामान बेचने वालों को ही इसके लिए जिम्मेदार माना जाता है. ऐसे लोग भी होते हैं जो यहां वहां अपने वाहनों को खड़ा करके शॉपिंग करने के लिए चले जाते हैं. इससे जाम की समस्या पैदा होती है.
औरंगजेब रोड पर मिली अतिक्रमण से राहत
ऐसा ही कुछ हाल औरंगजेब मार्ग पर नजर आता रहता था. यह सड़क दिल्ली को गुरुग्राम और बाकी जरूरी जगहों से जोड़ने का काम करती है. यहां अवैध कब्जे और गलत पार्किंग से लोगों का जीना मुश्किल हो चुका था. हौज खास सर्कल के तहत दक्षिणी रेंज ट्रैफिक पुलिस की एक खास मुहिम से इस अतिक्रमण से काफी हद तक पीछा जरूर छूटा है. यहां से होकर रोज गुजरने वाले वाहन चालकों और अन्य जनता को काफी राहत मिली है.
लोगों ने बना फैला रखी थी अव्यवस्था
दिल्ली के दक्षिणी हिस्से की सबसे अहम सड़कों में से इस सड़क को माना जाता है. यहां बड़े- बड़े संस्थान, रिहायशी इलाके और ऐतिहासिक स्मारक बसे हुए हैं. पिछले काफी समय से यहां अतिक्रमण वालों ने लोगों की नाक में दम कर रखा था. दुकानों का सामान यहां सड़क तक फैल जाता था. इसके अलावा निजी गाड़ियां, टैक्सी, ऑटो रिक्शा ने व्यवस्थाओं का आलम बिगाड़ रखा था. देखने से ऐसा पता ही नहीं लगता था कि यहां सड़क है भी या नहीं.
पैदल चलना भी हो गया था मुश्किल
यह रास्ता पैदल चलने वालों तक के लिए काफी मुश्किल हो चुका था. इन सब समस्याओं को देखते हुए डीसीपी ट्रैफिक दक्षिण नरेंद्र कुशल पाल सिंह ने अपनी टीम के साथ अतिक्रमण को हटाने की ठानी. उन्होंने अवैध रेडियों को वहां से हटवाया और जिन लोगों ने गाड़ियां गलत पार्क की थी, उन पर कार्रवाई की. इस अभियान के तहत, 761 गाड़ियों का चालान काटा गया और 10 गाड़ियों को टो किया गया. यह कार्रवाई इतनी सटीकता से हुई कि सड़क पर जमा सामान कुछ ही पलों में साफ हो गया. लोगों को अब पैदल चलने की जगह मिल गई और गाड़ियां भी बिना रोक- टोक के चलने लगीं.
स्थानीय लोग भी इस बदलाव को देखकर काफी खुश नजर आ रहे थे. इस मुहिम में एमसीडी, एनडीएमसी और स्थानीय पुलिस का भी पूरा साथ रहा. ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि आने वाले दिनों में इसी प्रकार की कार्रवाई की जाती रहेगी.
