पंचकूला | हरियाणा में नए वित्त वर्ष 2026- 27 की बिजली दरों को लेकर उपभोक्ताओं में उलझन की स्थिति बनी हुई है. हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग द्वारा पंचकूला स्थित अपने कोर्ट रूप में 8 जनवरी को बिजली दरों को लेकर सुनवाई की जाएगी. यह सुनवाई उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) द्वारा दायर याचिकाओं पर आधारित होगी.
दोनों निगमों ने की ARR की मांग
नए वित्त वर्ष के लिए UBHVN और DHBVN ने कुल 51 हजार करोड़ रुपए की राजस्व आवश्यकता ( ARR) की मांग की है. दोनों निगमों ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष उन्हें करीब 52 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा. वर्ष 2024- 25 के टू- अप में करीब 5,261 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा दिखाया गया है. दोनों निगमों ने लगभग 828 करोड़ रुपए की राशि ब्याज सहित आयोग से मांगी है. इस प्रकार कुल मिलाकर 4,484 करोड़ रुपए का राजस्व का घाटा दिखाया गया है.
120 दिन का समय
ARR पर निर्णय आयोग द्वारा विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत लिया जाता है. विद्युत अधिनियम के अनुसार, HERC को याचिकाएं दायर करने की तारीख से 120 दिन के अंदर ही अपना निर्णय सुनाना जरूरी होता है. हरियाणा में बिजली की दरें अप्रैल 2025 में भी बढ़ाई गई थी जिससे बिलों में वृद्धि हुई और फिक्स्ड चार्ज भी जोड़ा गया. 8 जनवरी की सुनवाई के बाद ही पता चलेगा कि बिजली की दरों में घाटा होगा या दरें बढ़ेगी या फिर मौजूद दरें बरकरार रहेगी.
