चंडीगढ़ | हरियाणा में शहरी निकाय चुनाव के दौरान BJP उन नेताओं की वापसी कराने वाली है, जो विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद पार्टी से नाराज होकर बागी हो गए थे. हालांकि, पार्टी इन नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपेगी. हालांकि, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने इन नेताओं की वापसी पर रोक लगा दी थी, लेकिन पार्टी के प्रभारी डॉ. सतीश पुनिया ने इन नेताओं को पार्टी में वापस लेने के संकेत दिए हैं.
शहरी निकाय चुनाव के बाद होगा निर्णय
भाजपा ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह साफ संदेश दिया है कि शहरी निकाय चुनाव के बाद ही वे बोर्ड और निगमों के चेयरमैन बन सकेंगे. जिन बोर्ड और निगमों में चेयरमैन के कार्यकाल खत्म हो चुका है, उन्हें फिलहाल अस्थायी रूप से अपने पुराने पदों पर काम करने को कहा गया है. वहीं, शहरी निकाय चुनाव के बाद ही उनकी दोबारा नियुक्ति के आदेश जारी किए जाएंगे.
कुछ पुराने चेयरमैनों को हटा कर नए चेयरमैनों की नियुक्ति की जा सकती है. पार्टी का मानना है कि शहरी निकाय चुनाव में कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा की गई मेहनत के आधार पर ही उन्हें बोर्ड और निगमों में चेयरमैन का पद दिया जाएगा.
इन नेताओं को चुनाव में उतारने की तैयारी
पार्टी अभी संगठनात्मक चुनावों में व्यस्त है और राज्य के प्रमुख नेता दिल्ली के विधानसभा चुनाव में लगे हुए हैं. इसके बाद, हरियाणा में शहरी निकाय चुनाव होंगे. पार्टी का लक्ष्य इन शहरी निकायों में भाजपा उम्मीदवारों को जीत दिलाने का रहेगा, ताकि सभी शहरी निकायों में पार्टी की सत्ता हो.
इस दिशा में पार्टी के उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय किए जा चुके हैं. भाजपा उन नेताओं को चुनाव में उतारने पर विचार कर रही है, जिन्हें लोकसभा या विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिल सका था.
चुनावी रण में दिखेंगे बड़े पदाधिकारी
कुछ ऐसे उम्मीदवारों को भी चुनाव में उतारा जा सकता है, जिन्होंने मामूली अंतर से विधानसभा चुनाव हार मिली थी. वहीं, भाजपा के कुछ बड़े पदाधिकारियों को भी चुनाव लड़ाने की योजना बनाई जा रही है. हाल ही में विधानसभा चुनाव में पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और टिकट के दावेदारों की वापसी का भी निर्णय लिया गया है.
