रेवाड़ी | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. हैफेड द्वारा रेवाड़ी जिले के गांव रामपुरा में अत्याधुनिक सरसों तेल मिल लगाई जाएगी. इस मिल की प्रारंभिक प्रसंस्करण क्षमता 150 टन प्रतिदिन (टीपीडी) होगी, जिसे 300 टीपीडी तक बढ़ाया जा सकेगा. इस मिल के स्थापित होने से जहां किसानों को तगड़ा फायदा पहुंचेगा, तो वहीं दूसरी ओर स्थानीय क्षेत्र में हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में तेल मिल को स्थापित करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई, जिसमें बताया गया कि यह परियोजना डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, आपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) आधार पर सार्वजनिक- निजी सहभागिता (PPP) मॉडल के तहत क्रियान्वित की जाएगी.
बैठक में जानकारी दी गई कि यह संयंत्र अनुबंध प्रदान किए जाने की तारीख से डेढ़ साल के भीतर चालू होने की उम्मीद है. संयंत्र में विश्वस्तरीय प्रसंस्करण मानक अपनाए जाएंगे और कुशल आपूर्ति श्रंखला प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा.
कई जिलों के किसानों को फायदा
रेवाड़ी जिले का रामपुरा क्षेत्र भिवानी, महेन्द्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी, रोहतक और हिसार जैसे प्रमुख सरसों उत्पादक जिलों से जुड़ा हुआ है. यह जिले संयुक्त रूप से हरियाणा के कुल तोरिया- सरसों उत्पादन का लगभग 60% योगदान करते हैं, जिससे तेल मिल को कच्चे माल की आसानी से पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी.
इस तेल मिल की सालाना जरूरत 45 हजार टन होगी, जो कैचमेंट क्षेत्र की उपलब्धता का लगभग 10% होगी. प्रस्तावित स्थल कैचमेंट क्षेत्र से 200 किलोमीटर की परिधि में स्थित है और बेहतरीन सड़क तथा रेल नेटवर्क से जुड़ा है. इससे सुचारु खरीद, परिवहन और वितरण के साथ- साथ प्रदेश के तिलहन क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता और ज्यादा मजबूत होगी.
