रेवाड़ी | हरियाणा में सरसों उत्पादक किसानों की मौज बनी हुई है. सरसों के भाव की बात करें तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से भी ज्यादा भाव मिल रहा है जिसकी खुशी किसानों के चेहरों पर साफ नजर आ रही है. बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा सरसों की MSP 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित की गई थी. हालांकि, 1 मई से सरसों की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है लेकिन प्राइवेट एजेंसियां सरसों खरीद रही है और किसानों को MSP से ज्यादा भाव मिल रहा है.

MSP से ज्यादा मिल रहा भाव
रेवाड़ी जिले की बात करें तो यहां अब तक 4 लाख 83 हजार 160 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि इसमें से मात्र 3280 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद पर बेची गई है जबकि बाकी सरसों आढ़तियों द्वारा प्राइवेट खरीद की गई है. फिलहाल भी 100- 120 क्विंटल सरसों आढ़तियों के माध्यम से प्राइवेट खरीद हो रही है. प्राइवेट खरीद में MSP से ऊंचा भाव मिलने के चक्कर में किसान आढ़तियों के माध्यम से अपनी सरसों की फसल बेच रहे हैं.
वर्तमान में 6,500 से 7,500 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों की प्राइवेट बिक्री हो रही है, यानि किसानों को 1,300 रुपए प्रति क्विंटल तक ज्यादा भाव मिल रहा है. उंचा भाव मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए किसानों ने कहा कि इस बार लगातार बारिश से उत्पादन प्रभावित हुआ था लेकिन अब ज्यादा भाव मिलने से कुछ हद तक इस नुकसान की भरपाई की जा सकेगी.
इस वजह से भाव में तेजी
आढ़तियों का कहना है कि खाड़ी देशों में जारी तनाव के चलते खाद्य तेल बाजार पर भी असर पड़ा है. रेवाड़ी अनाजमंडी में पिछले एक सप्ताह के दौरान सरसों का भाव 7,700 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. पाम और सोया आयल के दाम बढ़ने से तेल मिलें अब सरसों की तरफ ज्यादा खरीदारी कर रही हैं.
कुछ किसानों ने ऊंचा भाव मिलने की उम्मीद में अपनी सरसों की फसल को घर पर स्टोर किया हुआ था जिसके चलते सीजन की शुरुआत में अनाज मंडियों में उम्मीद के मुताबिक सरसों की आवक नही हुई. इससे बाजार में दबाव बना और भाव में तेजी होती चली गई.
पहले विदेशों से पाम और सोया तेल आता था लेकिन खाड़ी देशों में जारी तनाव के चलते आयात प्रभावित होने से सरसों तेल की मांग बढ़ने लगी. इसके अलावा बहुत से किसानों ने अपना सरसों स्टाक किया हुआ था. अब मांग बढ़ने के साथ उन्हें अच्छा भाव मिल रहा है- अशोक यादव, प्रधान, व्यापार संघ अनाज मंडी, रेवाड़ी