रोहतक | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 सितंबर 2024 को लॉन्च की गई पीएम आवास योजना 2.0 (शहरी) को लेकर अब नियम और शर्तों को नए सिरे से तैयार किया गया है. इस योजना के तहत, वर्तमान में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है. इसी दौरान हरियाणा डिपार्टमेंट ऑफ हाउसिंग फॉर ऑल द्वारा एक पत्र के माध्यम से नए नियमों से अवगत कराया गया है. इन नियमों के तहत, अब सरकार (Govt) ने लाल डोरा या आबादी देह क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए कुछ ढील प्रदान की है.
7 बिंदुओं पर हुए नियम स्पष्ट
नगर निगम रोहतक के सिटी प्रोजेक्ट ऑफिसर जगदीश चंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने सात बिंदुओं पर नए नियम स्पष्ट किए हैं. नए नियमों के तहत, पक्के मकान की श्रेणी में कंक्रीट की छत, पक्की ईंटों से निर्मित दीवारें या सीमेंट की चिनाई के साथ छत में लगे पत्थरों वाले मकानों को शामिल किया गया है. सेमी- पक्के मकान की श्रेणी में उन मकानों को रखा गया है जिनकी छत गार्डर, कड़ी या मिट्टी से बनी हो. तीसरी श्रेणी में वह कच्चे मकान शामिल हैं, जिनकी दीवारें और छत बांस, पॉलीथिन आदि से बनी हुई हों.
अवैध कॉलोनियों को नहीं मिलेगा लाभ
गौरतलब है कि अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण वाले क्षेत्रों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा. इस बारे में जानकारी देते हुए सीपीयू जगदीश चंद्र ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति लाल डोरा या आबादी देह क्षेत्र में किसी पैतृक संपत्ति पर रह रहा है, तो ऐसे आवेदकों को पीएम आवास योजना (शहरी) के लिए नियमों में ढील दी गई है. यदि किसी व्यक्ति के पास अपनी संपत्ति से जुड़ा कोई मालिकाना हक का दस्तावेज नहीं है, तो वह नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका से प्राप्त प्रॉपर्टी आईडी का दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है. इसके बाद वह इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेगा.
यह लोग होंगे पात्र
इस योजना के तहत, वे लोग पात्र माने जाएंगे जिन्होंने अभी तक किसी भी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं लिया है. इस योजना के तहत, 3 श्रेणियों में आवेदन किया जा रहा है. जो लोग इस योजना के तहत आवेदन करेंगे, उनकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए सरकारी टीम घर- घर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी. यदि किसी आवेदक द्वारा दी गई जानकारी गलत पाई जाती है, तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है.
