सिरसा | पैरोल पर जेल से रिहा हुए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Ram Rahim) ने शुक्रवार को सिरसा स्थित पुराने डेरे में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक सत्संग का आयोजन किया. सत्संग के दौरान उन्होंने डेरा अनुयायियों से परमार्थ कार्यों में बढ़- चढ़कर भाग लेने की अपील की. बाबा राम रहीम ने कहा कि इंसानियत की सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई परमार्थ नही है.
ऐसे हुई सत्संग की शुरुआत
शुक्रवार को सत्संग की शुरुआत करने से पहले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सर्वप्रथम गुरु शाह मस्ताना के गुफा में जाकर श्रद्धा से माथा टेका. इसके बाद, सत्संग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एमएसजी तो एक ही है. पहले शाह मस्ताना थे, फिर शाह सतनाम और तीसरे आप सभी के सामने हैं. इसलिए सभी लोगों को परमार्थ के कार्यों में बढ़- चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. सबसे बड़ा धर्म इंसानियत की सेवा है और इसमें सबसे बड़ा सुकून मिलता है.
सत्संग के दौरान कुछ अनुयायियों ने डेरे में सफाई अभियान चलाने का आग्रह किया. इस पर गुरमीत राम रहीम ने कहा कि यदि जनता चाहेगी, तो निश्चित रूप से सफाई अभियान चलाया जाएगा. सत्संग समाप्त होने के बाद डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम वापस मुख्य डेरे में लौट गया.
रोहतक की सुनारिया जेल में बंद
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को हरियाणा सरकार ने 21 दिन की पैरोल दी है. बुधवार को बाबा रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आया है. कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच गुरमीत राम रहीम हनीप्रीत के साथ सिरसा डेरा के लिए रवाना हुआ. 29 अप्रैल को डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस है. इसलिए डेरे में बड़े कार्यक्रम होने की संभावना है. फिलहाल, डेरे के आसपास पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गई है.
राम रहीम को अदालत ने 2017 में अपनी 2 शिष्याओं के साथ बलात्कार के मामले में दोषी ठहराते हुए 20 साल कारावास की सजा सुनाई थी. इसके अलावा, कोर्ट ने राम रहीम और 3 अन्य लोगों को 16 साल से अधिक समय पहले एक पत्रकार की हत्या के लिए भी दोषी ठहराया था. इसके बाद, उसे जेल भेजा गया था. पिछले 7 सालों से राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है.
