सोनीपत । किसी ने सच ही कहा है बच्चे भगवान का रूप होते हैं वो चाह लें तो क्या कुछ नहीं कर सकते. पिछले लॉकडाउन में जहां एक और समूची दुनिया सुस्त पड़ गई थी वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने आपदा को अवसर बनाया. सोनीपत के तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 8 वर्षीय मार्टिन मलिक ने कोरोना महामारी के दौरान ही एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया. उन्होंने अपने पिता की मदद से इतनी कम उम्र में ना सिर्फ किक बॉक्सिंग सीखी बल्कि किक बॉक्सिंग के किंग बन गए.
इतना ही नहीं बॉक्सिंग के क्षेत्र में मार्टिन मलिक ने कई और कीर्तिमान स्थापित किए. महज 8 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने रशिया के पावेल का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, इसके अलावा उन्होंने भारत के 2, एशिया के 2 और विश्व के 8 बॉक्सिंग रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं.
आम लोगों के साथ-साथ ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा भी मार्टिन मलिक के फैन हो गए हैं. उन्होंने मार्टिन मलिक को डिनर पर बुलाया उनके साथ पंच की प्रैक्टिस की और साथ ही उनको इसी तरह खेलते रहने की नसीहत भी दी. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि वह उनके साथ हैं तथा उनको आगे किसी तरह की बातचीत या मार्गदर्शन के लिए अपना नंबर भी दिया.
किक बॉक्सिंग में नए विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने के प्रोत्साहन के लिए लंदन की पार्लियामेंट मार्टिन मलिक को मार्च महीने में सम्मानित करने वाली है. वही उनके परिजनों का यह कहना है की भारत सरकार को भी मार्टिन मलिक के इस कामयाबी पर उन्हें सम्मानित करना चाहिए तथा आगे और अच्छे से उनकी प्रैक्टिस चल सके उसके लिए उनको मदद भी प्रदान करनी चाहिए.
