अच्छी खबर: कुरुक्षेत्र से यमुनानगर के बीच बनेगा फोर-लेन हाइवे, 2023 से पहले बनकर होगा तैयार

यमुनानगर | हरियाणा विधानसभा सत्र की कार्यवाही के दौरान मनोहर सरकार ने कई योजना और परियोजनाओं को प्रदेश में शुरू करने की घोषणा की. मंगलवार को विधानसभा में प्रदेश के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कुरुक्षेत्र से यमुनानगर की सड़क को जल्द ही फोर-लेन करने की घोषणा की.

Highway

मंगलवार 24 अगस्त को हरियाणा विधानसभा के मॉनसून सत्र में रादौर विधायक डा. बीएल सैनी के सवाल का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यमुनानगर से कुरुक्षेत्र तक सड़क जल्द ही फोरलेन होगी. पीडब्ल्यूडी विभाग ने वर्ष 2023 से पहले सड़क को फोरलेन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस सड़क को फोरलेन करने के लिए छह माह में डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार हो जाएगी.

विधायक डा. बीएल सैनी ने विधानसभा में कुरुक्षेत्र-यमुनानगर वाया रादौर सड़क को फोरलेन करने का मामला उठाते हुए पूछा था कि सरकार की घोषणा के अनुसार उक्त मार्ग कब तक फोरलेन हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि लंबे से समय से कुरूक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग को फोरलेन करने की मांग क्षेत्र के लोग करते आ रहे हैं. रादौर में अब इस मार्ग की हालत ऐसी हो चुकी है कि इससे दोपहिया वाहन चालकों का गुजरना भी मुश्किल है. रोड पर ट्रैफिक अधिक होने से हर दिन दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, परंतु सरकार ने इस मामले को ठंडे बस्ते में रखा हुआ है. जल्द ही इस मार्ग को फोरलेन कर लोगों व राहगीरों को राहत पहुंचाई जानी चाहिए.

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बीएल सैनी द्वारा पूछे गए इन सवालों का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने बताया कि कुरुक्षेत्र से यमुनानगर तक सडक़ की कुल लंबाई 41.15 किलोमीटर है, इसमें से 20 किलोमीटर यमुनानगर जिला में और 21.15 किलोमीटर कुरुक्षेत्र जिला में पड़ती है. दुष्यंत चौटाला ने इस बात की भी जानकारी दी कि उक्त यमुनानगर जिला में पडऩे वाली सडक़ में से 4.18 किलोमीटर पहले से ही फोर-लेन है, इसी प्रकार कुरुक्षेत्र जिला में पडऩे वाली उक्त सडक़ में से 7.85 किलोमीटर सडक़ फोर-लेन है. शेष सडक़ 29.12 किलोमीटर को हाइब्रिड-एन्युइटी मोड के तहत फोर-लेन करने का प्रस्ताव है.

डिप्टी सीएम दुष्यन्त चौटाला ने बताया कि इस सडक़ को फोर-लेन करने के लिए 6 माह में डीपीआर तैयार हो जाएगी और वर्ष 2023 से पहले इसका निर्माण कर दिया जाएगा. हरियाणा सरकार पूरे प्रदेश को फाटक-मुक्त करना चाहती है ताकि न तो दुर्घटनाओं का खतरा रहे और न ही लोगों का समय खराब हो. प्रत्येक फाटक की जगह आरओबी या आरयूबी बनाने के लिए प्रयासरत है.

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Manoj Thayat
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