चंडीगढ़ | खेल मैदान से हरियाणा के लिए एक और गौरवमई खबर सामने आई है. बता दें कि भारतीय पैरा एथलेटिक्स स्टार खिलाड़ी सुमित अंतिल ने इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना ही रिकॉर्ड तोड कर एक बार फिर नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है. 2 बार के पैरालंपिक गोल्ड मेडल विजेता सुमित अंतिल ने पुरूषों के भाला फेंक इवेंट में F64 कैटेगरी में नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता.

अपना ही रिकॉर्ड किया ध्वस्त
इंडियन ओपन अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हरियाणा के सोनीपत जिले के स्टार पैरा एथलीट खिलाड़ी सुमित अंतिल ने 74.82 मीटर दूर भाला फेंकते हुए अपने ही पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है. इससे पहले उन्होंने साल 2022 में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर दूर भाला फेंक कर F64 कैटेगरी में नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था. अपने ही विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त करने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में और ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत देश का गौरव बढ़ाने के प्रयास रहेंगे.
नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की अपार खुशी जताते हुए सुमित अंतिल ने कहा कि अब अगला टारगेट 80 मीटर की दूरी पार करना है. इसके लिए वो और ज्यादा कड़ी मेहनत और निरंतर प्रशिक्षण जारी रखेंगे. उनका मौजूदा प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वे आने वाले समय में और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं.
क्या होती है F64 कैटेगरी
F64 कैटेगरी उन पैरा एथलीट्स के लिए होती है जिनके निचले अंगों में समस्या होती है. इस कैटेगरी में वे खिलाड़ी शामिल रहते हैं जो कृत्रिम पैर के सहारे प्रतिस्पर्धा करते हैं या जिनके पैरों की लंबाई में अंतर होता है.
साल 2015 में हुई एक सड़क दुघर्टना ने सुमित अंतिल की जिंदगी पूरी तरह से बदल कर रख दी थी. कभी पहलवान बनने का सपना संजोए बैठे सुमित ने इस दुर्घटना में घुटने के नीचे अपना बायां पैर गंवा दिया था. हालांकि, कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं मारी और निरंतर परिश्रम और लगन से मेहनत करते हुए आज खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पैरा एथलीट्स की सूची में शामिल कर लिया है. उनके नाम आज लगातार दो पैरा ओलम्पिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने का शानदार रिकार्ड है.