पिछले साल जितना ही रकबा लेकिन मंडियों में गेहूं की आवक रही कम, जानिए क्या रही वजह

यमुनानगर । अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर सरकार की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. करीब एक लाख 80 हजार एमटी गेहूं की खरीद कम हुई है. हालांकि सरकारी खरीद 15 मई तक जारी रहेगी लेकिन कोई इक्का- दुक्का किसान ही मंडी में गेहूं लेकर पहुंच रहा है.

anaj mandi

बता दें कि गत वर्ष सीजन में तीन लाख 95 हजार एमटी गेहूं की खरीद हुई थी जबकि इस बार अब तक दो लाख 12 हजार एमटी गेहूं की आवक हुई है. आढ़तियों ने बताया कि सीजन लगभग समाप्ति की ओर है. आवक कम होने का बड़ा कारण मौसम की मार बताई जा रही हैं तो वहीं दूसरी ओर खुले बाजार में किसानों को गेहूं का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी से अधिक मिलना भी इसकी वजह बताई जा रही है.

85 हजार हेक्टेयर पर भी फसल

जिलें में करीब 85 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल थी. पिछली साल भी इतना ही रकबा था लेकिन मंडियों में गेहूं की आवक करीब एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन कम हुई है. फ़रवरी माह में लगातार हुई बारिश से सैकड़ों एकड़ भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई थी. हालांकि नुकसान की रिपोर्ट प्रशासन ने सरकार को भेज दी थी लेकिन पीड़ित किसान आज भी मुआवजे की बाट जोह रहे हैं.

कम रह गई आवक

डीएफएससी कुशल बूरा ने बताया कि औपचारिक तौर पर अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद 15 मई तक जारी रहेगी. हालांकि अनाज मंडियों में आवक न के बराबर रह गई हैं और सीजन लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन खरीद अभी जारी रहेगी.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.