चंडीगढ़ | बेरोजगारी के इस दौर में पक्की सरकारी नौकरों की उम्मीद लगभग टूटती ही जा रही है. बेरोजगार युवा भविष्य की चिंता में कच्ची नौकरी की तरफ ही चल पड़े है. लगभग 7.72 लाख युवाओं ने कच्ची नौकरी के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) में रजिस्ट्रेशन कराया है. इनमें पीएचडी से लेकर एमएससी एमटेक और एमबीए पास बेरोजगार भी है.
वहीं, प्रदेश में सरकारी विभागों, बोर्डो व निगमों में C और D श्रेणी के 60 हजार पदों पर पक्की भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी है. इसके लिए 10 लाख से ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया है. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए लगातार कोशिश भी हो रही है.
युवाओं को निजी क्षेत्र में एडजस्ट करने के प्रयास
कच्चे कर्मचारियों को भर्ती के लिए प्रदेश सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम का गठन किया है. अब तक निगम के जरिये एक लाख कर्मचारियों की नियुक्ति हो चुकी है. वर्तमान में हर कोई सरकारी नौकरी चाह रहा है. बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी विभागों में अनुबंध पर रखना नामुमकिन है. इसी के चलते सरकार इन युवाओं को निजी क्षेत्र में एडजस्ट करने का प्रयास कर रही है.
इसके लिए उद्योगों से समझौता किया जाएगा ताकि न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिले बल्कि उद्योग जगत को अपनी जरूरत के हिसाब से वर्कफोर्स भी उपलब्ध हो. इसके अलावा, पदमा योजना के तहत हर ब्लाक में कलस्टर बनाने का लक्ष्य बनाया गया है. जिसमें लगभग 14 हजार एमएसएमई को प्रोत्साहन देकर साढ़े तीन लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा.
गरीब परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता
हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिये कारपोरेट जगत को स्किल्ड, अनस्किल्ड मैनेजमेंट श्रेणियों में रजिस्टर्ड युवाओं का डेटा शेयर किया जाएगा. इससे उद्योग अपनी जरूरत के मुताबिक व शिक्षा,अनुभव सहित अन्य मानकों के आधार पर श्रमशक्ति को चुन सकेंगे. परिवार पहचान पत्र (PPP) के जरिये 13 लाख परिवार चिह्नित किए गए हैं. जिनकी आय एक लाख रुपये वार्षिक से नीचे है. 29 लाख परिवारों की आय 1.80 लाख रुपये से कम है. अनुबंध के आधार पर दी जाने वाली नौकरियों में इन परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी.
