पहलवान बजरंग पूनिया और रवि दहिया के लिए भी पेरिस ओलम्पिक जाने का खुला रास्ता, WFI ने लिया ये फैसला

स्पोर्ट्स डेस्क | ओलम्पिक गेम्स में खेलने की उम्मीद लगाए बैठे भारतीय पहलवानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि भारतीय स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने एशियन चैंपियनशिप में जीत हासिल कर ओलम्पिक कोटा हासिल किया है. इसके बाद, अब उनके साथ भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों को लेकर धरने की अगुवाई करने वाले ओलम्पिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया और ओलम्पिक सिल्वर मेडल विजेता रवि दहिया के लिए भी पेरिस ओलम्पिक में भाग लेने की राहें फिर से खुल गई है.

bajrang puniya

इन दोनों ही पहलवानों को एशियन और वर्ल्ड क्वालीफायर के ट्रायल्स में हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि एशियन चैंपियनशिप में भारतीय पुरूष रेसलर्स के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद WFI ने 18 में से बची हुई सभी 14 कैटेगरी के लिए फिर से ट्रायल्स कराने का निर्णय लिया है.

भारत को मिले हैं अब तक चार कोटे

बिश्केक में आयोजित हुई एशियन चैंपियनशिप में भारत ने 18 में से चार ही कोटा स्थान हासिल किए हैं और ये सभी महिला पहलवान के नाम रहें हैं, जिनमें विनेश फोगाट का नाम भी शामिल हैं. उनके अलावा रीतिका हुड्डा (76 किलोग्राम), अंतिम पंघाल (53 किलोग्राम) और अंशु मलिक (57 किलोग्राम) ने कोटा हासिल किया है.

14 कैटेगरी में होंगे ट्रायल्स

अभी भी 14 कैटेगरी बची हुई है और 9 मई से तुर्की में होने वाले विश्व क्वालीफायर में जीतना एशियाई क्वालीफायर की तुलना में कठिन होगा. WFI सभी 14 कैटेगरी में ट्रायल का आयोजन करेगा. इनमें महिला वर्ग में दो (68 और 62 किलोग्राम), पुरुष फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन में 6- 6 वर्ग शामिल है जिनके ट्रायल अप्रैल के आखिरी सप्ताह या मई के प्रथम सप्ताह में आयोजित किये जायेंगे.

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कोटा हासिल करने के लिए जूझते भारतीय पहलवान

WFI के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सिंह ने भारतीय कोचों और चयन समिति के सदस्यों से प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए स्वीकार किया है कि यह पहली बार हुआ है कि फ्री स्टाइल में भी भारतीय पहलवानों को कोटा हासिल करने के जूझना पड़ रहा है. पहलवानों का इतना खराब प्रदर्शन इससे पहले कभी देखने को नहीं मिला था. ऐसे में हमने सभी 14 कैटेगरी में फिर से ट्रायल्स कराने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि ग्रीको रोमन में खराब प्रदर्शन का आलम यह था कि पहले दौर के मैच जीतने के लिए भी भारतीय पहलवानों को संघर्ष करते हुए देखा गया है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.