हिसार । हरियाणा में मौसम लगातार बदलता जा रहा है. किसी समय गर्मी अधिक हो जाती है तो कभी गर्मी का लेवल तेज हवाओं के चलने से कम हो जाता है. पिछले 2 दिनों से इसी प्रकार का मौसम बना हुआ है. मंगलवार की रात को बहुत तेज हवा चली. इससे रात्रि के समय सुहावना मौसम हो गया. अगले दिन बुधवार को सुबह के समय मौसम सामान्य रहा. लेकिन दोपहर के वक्त गर्मी फिर से चरम पर पहुंच गई. आज रात्रि के समय मौसम के दोबारा से बदलने की संभावना है. इसके बाद दोबारा से लू चल सकती है.
हरियाणा में इस बार गर्मी पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ती दिखाई दे रही है. मार्च के अंत में गर्मी के मौसम ने पिछले 11 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. हिसार में 30 मार्च को अधिकतम टेंपरेचर 38 पॉइंट 8 डिग्री सेल्सियस था. मार्च के महीने में इससे ज्यादा गर्मी साल 2010 में पड़ी और अधिकतम टेंपरेचर 39 पॉइंट 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
अप्रैल के पहले सप्ताह में भी गर्मी का यही रूप दिखाई दे रहा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव की वजह से बूंदाबांदी की संभावना है. मंगलवार की बात करें तो सबसे ज्यादा अधिकतम टेंपरेचर नारनौल में था जो 41 पॉइंट 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हिसार में अधिकतम टेंपरेचर 37 पॉइंट 5 डिग्री सेल्सियस रहा.
चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ मदन खीचड़ के अनुसार बुधवार को रात्रि के समय तेज हवाओं के चलने व गरज चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है. इसके साथ ही 8 अप्रैल से हरियाणा में मौसम फिर से शुष्क रहेगा. बादलवाहि की वजह से अधिकतम टेंपरेचर नॉरमल टेंपरेचर के आस पास ही रहने की संभावना है.
इस फसल के लिए वर्षा नुकसानदेह
फिलहाल राज्य में गेहूं की फसल की कटाई की जा रही है. ऐसी स्थिति में बारिश का आना और तेज हवाओं का चलना फसलों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है. बारिश आने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसलें जमीन पर गिर जाएगी और जो फसलें मंडियों में खुली पड़ी है, उनके भी भीगने का खतरा है. तेज हवा भी गेहूं की फसल के लिए काफी हानिकारक है.
