ज्योतिष | हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन (Holika Dahan) होता है, इससे अगले दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में रंग दुलंहैदी का पर्व भी मनाया जाता है. अबकी बार होलिका दहन का पर्व 13 मार्च को है और इसे अगले दिन रंगों वाली होली मनाई जाएगी. आज की इस खबर में हम आपको होलिका दहन के शुभ मुहूर्त से लेकर कई अहम बातों के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
कब है होली का पावन पर्व
13 मार्च को पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10:38 मिनट से होगी, भद्रा 13 मार्च को प्रातः 10:38 मिनट से शुरू होकर रात्रि 11:30 बजे समाप्त होगी. 13 मार्च को उदया तिथि पर तो चतुर्दशी है, परंतु 10 बजे के बाद से पूर्णिया शुरू हो जाती है. सूर्यास्त के तुरंत बाद प्रदोष काल शुरू हो जाता है, जिसमें होलिका दहन करने की परंपरा है. होली का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है. 14 मार्च को रंगो वाली होली है.
होलिका दहन से जुड़े कुछ विशेष उपाय
होलिका दहन से जुड़े हुए कुछ विशेष उपाय ज्योतिष शास्त्र में भी बताए गए हैं. होलिका दहन की रात को अगले दिन शिवलिंग पर अर्पित करें. माना जाता है कि ऐसा करने से शनि के दुष्प्रभाव कम हो जाते हैं और राहु- केतु से होने वाली समस्याओं से भी आपको छुटकारा मिल जाता है. साथ ही, आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है.
यदि आपके घर में बार- बार झगड़े हो रहे हैं या फिर पारिवारिक तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है, तो आपको होलिका दहन की राख को मुख्य द्वार पर छिड़कना चाहिए. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है. घर में शांति और सकारात्मक बनी रहती है परिवार के संबंध भी काफी अच्छे रहते हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
